दुनिया भर के देशों में पर्यावरण की स्वच्छता और हरियाली का स्तर बताने वाला ग्लोबल एन्वायर्नमेंट परफॉर्मेंस इंडेक्स (ईपीआई) आ गया है. इससे संबंधित रिपोर्ट को दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक सम्मेलन (डब्ल्यूईएफ) में जारी किया गया. इस सूचकांक में शामिल 180 देशों में भारत का नाम आखिरी पांच देशों में है. वह अब 177वें पायदान पर खिसक गया है. दो साल पहले वह 141वें स्थान पर था. सबसे ऊपर स्विटजरलैंड, फ्रांस और डेनमार्क हैं.

बताया जा रहा है कि भारत के प्रदर्शन में यह गिरावट प्रदूषण में वृद्धि और जंगलों में कमी के चलते आई है. वैसे रिपोर्ट में भारत और चीन की बड़ी आबादी को भी वहां के प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है. हवा की गुणवत्ता और शुद्धता के मोर्चे पर भारत के पड़ोसी मुल्कों चीन और पाकिस्तान ने भी इस रिपोर्ट में निराशाजनक प्रदर्शन किया है. तीनों देशों को सलाह दी गई है कि वे इस बारे में गंभीर विचार करने के साथ प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में कड़े कदम उठाएं.

गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई महत्वाकांक्षी ‘उज्ज्वला योजना’ का ​ईपीआई में विशेष जिक्र है. उसमें कहा गया है कि यह योजना देश में वायु प्रदूषण के नियंत्रण में मददगार साबित हुई है. दूसरी तरफ पर्यावरण संरक्षण के लिए नियमित प्रयास करने वाले देशों में स्विटजरलैंड अव्वल है उसके बाद फ्रांस, डेनमार्क, माल्टा और स्वीडन की बारी आती है.

दुनिया भर में पर्यावरण और हरियाली के स्तर को बताने वाली इस द्विवार्षिक रिपोर्ट के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सरकारी आंकड़े भी इकट्ठा किए जाते हैं. रिपोर्ट को पर्यावरण, पारिस्थिकी, हवा-पानी की गुणवत्ता, स्वच्छता, गंदे पानी के शोधन जैसे मानकों के आधार पर तैयार किया जाता है.