अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने भारतीय मूल के सिद्धार्थ धर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया है. मंत्रालय ने बताया कि ब्रिटिश नागरिक सिद्धार्थ धर ने 2014 में ब्रिटेन छोड़ दिया था और वह आतंकी संगठन आईएस में शामिल होने के लिए अपनी पत्नी व बच्चों के साथ सीरिया पहुंच गया था. वहां उसने आईएस के चर्चित हत्यारे आतंकी मोहम्मद एमवाजी की जगह ले ली थी. मोहम्मद एमवाजी को ‘जिहादी जॉन’ के नाम से जाना जाता था. मंत्रालय ने यह भी कहा कि धर वही नकाबपोश आतंकी हो सकता है जिसे 2016 में आईएस के एक वीडियो में देखा गया था. उस वीडियो में कई कैदियों को मारते दिखाया गया था.

आतंकी बनने से पहले सिद्धार्थ धर ने इस्लाम धर्म अपना लिया था. उसका नाम अबू रूमायशाह हो गया था. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक एक इंटरव्यू में उसने कहा था, ‘सालों से दुनिया में खलीफा का शासन नहीं है. कुरान के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा. मैं चाहता हूं कि ब्रिटेन में शरिया कानून लागू हो. वह लोकतंत्र से बेहतर है. एक मुसलमान के रूप में मैं ब्रिटिश कायदों को अपने हिसाब से नहीं पाता. मैं पहले, बाद में और आखिर तक एक मुस्लिम हूं.’

सिद्धार्थ के अलावा अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने आईएस आतंकी अब्देलतीफ गैनी को भी वैश्विक आतंकी घोषित किया है. उसके मुताबिक गैली एक बेल्जियन-मोरोक्कन नागरिक है. माना जाता है कि वह पश्चिम एशिया में आईएस की तरफ से लड़ रहा है.