ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पार्टी सांसद बैजयंत ‘जय’ पांडा को बीजू जनता दल (बीजद) की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है. भुवनेश्वर में पार्टी उपाध्यक्ष सूर्यनारायण पात्रा ने मीडिया के सामने यह घोषणा की.

न्यूज़-18 के मुताबिक़ पात्रा ने कहा, ‘पांडा ने पार्टी नेतृत्व को सुझाव दिया था कि उनका नाम लोक सभा की वित्तीय मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित किया जाए. लेकिन पार्टी ने उनका यह प्रस्ताव नहीं माना. इसके बाद से वे पार्टी के हितों के विरुद्ध काम करने लगे थे. इसीलिए उनकी सदस्यता निलंबित की गई है.’ हालांकि पांडा ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है.

ओडिशा की केंद्रपाड़ा लोक सभा सीट से सांसद पांडा ने अपने निलंबन के ऐलान के बाद ट्वीट किया, ‘मुझ पर लगाए सभी आरोपों का मैं पुरज़ाेर खंडन करता हूं. ये झूठे और बेबुनियाद हैं. मैं जगन्नाथ (भगवान) से प्रार्थना करता हूं कि वे मुझे आगे का रास्ता दिखाएं.’ उनके ट्वीट से साफ़ है कि वे जल्द अगले क़दम के बारे में ख़ुलासा करने वाले हैं. उन्होंने अपने ख़िलाफ़ साज़िश किए जाने की भी बात कही है.

वैसे बीच-बीच में इस तरह की भी ख़बरें आती रही हैं कि पांडा की नज़दीकियां भारतीय जनता पार्टी के साथ बढ़ रही हैं. कई बार तो यहां तक ख़बरें आई कि वे भाजपा में शामिल भी हो सकते हैं. द इकॉनॉमिक टाइम्स के मुताबिक़ भी पांडा केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों की खुली वक़ालत करते हैं.