उत्तर प्रदेश के कासगंज में चंदन गुप्ता की हत्या के मुख्य आरोपित सलीम जावेद की गिरफ्तारी को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. खबरों के मुताबिक अलीगढ़ के पुलिस महानिरीक्षक संजीव गुप्ता ने बताया कि आरोपित कासगंज में ही छिपा था. इसके अलावा पुलिस ने कासगंज हिंसा के सिलसिले में अब तक सात एफआईआर दर्ज की हैं. साथ ही, 115 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस साल गणतंत्र दिवस मनाने को लेकर कासगंज में दो समुदायों के बीच टकराव हो गया था. इसी दौरान गोली लगने से चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी.

बीते साल के मुकाबले भारत का लोकतांत्रिक ढांचा कमजोर

कट्टरवादी धार्मिक विचारों के उभरने और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की वजह से भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में कमजोरी आती हुई दिख रही है. राजस्थान पत्रिका में छपी खबर के मुताबिक वैश्विक लोकतंत्र सूचकांक में भारत 167 देशों के बीच 42वें पायदान पर है. बीते साल वह 32वें पायदान पर था. दूसरी ओर, इस सूचकांक में लोकतंत्र के चार समूह - पूर्ण लोकतंत्र, दोषपूर्ण लोकतंत्र, मिली-जुली व्यवस्था और अधिनायकवादी व्यवस्था बनाए गए हैं. इसके तहत भारत को अमेरिका, इजरायल, जापान, फ्रांस, इटली जैसे देशों के साथ दोषपूर्ण लोकतंत्र की सूची में रखा गया है. इसके अलावा भारत स्थित पत्रकारों को सरकार, कट्टरवादी तत्वों और सेना से खतरा बताया गया है.

एक साथ तीन तलाक पर लगाम कसने के लिए नए निकाहनामे की तैयारी

एक साथ तीन तलाक पर लगाम कसने के लिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड नया निकाहनामा लाने की तैयारी कर रहा है. अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक इसके तहत निकाह के कबूलनामे के वक्त ही शौहर को यह कहना होगा कि वह एक साथ तीन तलाक नहीं देगा. बताया जाता है कि नौ फरवरी को बोर्ड की हैदराबाद में प्रस्तावित बैठक में इसकी चर्चा की जाएगी. इससे पहले बोर्ड इस मामले में आचार संहिता जारी कर एक साथ तीन तलाक देने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने का ऐलान कर चुका है. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मोदी सरकार द्वारा संसद में पेश तीन तलाक से संबंधित विधेयक को लेकर अपनी असहमति जाहिर कर चुका है.

मणिपुर : सीबीआई ने फर्जी मुठभेड़ से संबंधित 30 नई प्राथमिकियां दर्ज कीं

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को मणिपुर में फर्जी मुठभेड़ की जांच के लिए 30 नई प्राथमिकियां (एफआईआर) दर्ज की हैं. द एशियन एज की खबर के मुताबिक सीबीआई ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद उठाया है. बीती 16 जनवरी को शीर्ष अदालत ने पर्याप्त संख्या में मामले दर्ज न करने को लेकर सीबीआई के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था. इससे पहले सीबीआई की विशेष जांच दल (एसआईटी) ने फर्जी मुठभेड़ की केवल 12 प्राथमिकियां दर्ज की थीं. इस एसआईटी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल जुलाई में किया था.

आरबीआई के निर्देशों के बाद भी वरिष्ठ नागरिक विशेष बैंकिंग सुविधाओं से वंचित

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निर्देशों के बाद भी बैंक वरिष्ठ नागरिकों को विशेष सुविधा मुहैया नहीं करा पा रहे हैं. दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर के मुताबिक आरबीआई ने बीते साल नवंबर में इस बारे में एक सर्कुलर जारी किया था. इसके दायरे में आने वाले बुजुर्गों के लिए बैंकों द्वारा विशेष सुविधा दी जानी थी. लेकिन, बताया जाता है कि कई बैंक प्रबंधकों को इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है. केंद्रीय बैंक ने अपने सर्कुलर में सबसे बड़ी राहत पेंशनधारी बुजुर्गों को दी थी. नए प्रावधान के मुताबिक अब वे हर साल दिए जाने वाले जीवित प्रमाण पत्र को होम ब्रांच की जगह बैंक की किसी भी शाखा में दे सकते हैं. इसके अलावा 70 साल से अधिक उम्र के खाताधारकों और दिव्यांगों को उनके घर ही सेवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था.

आज का कार्टून

भाजपा द्वारा कुल कॉरपोरेट चंदे का 89 फीसदी हिस्सा हासिल करने और मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट पर द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित कार्टून :