आम बजट पेश होने के दूसरे दिन भी शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. शुक्रवार को प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 840 अंक गिर कर 35,066 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 256 अंकों की गिरावट के बाद 10,760.60 पर बंद हुआ. खबरों के मुताबिक शेयर बाजार के एक ही कारोबारी सत्र में बीते ढाई साल में यह सबसे बड़ी गिरावट है. इससे पहले 24 अगस्त 2015 को शेयर बाजार 1624.51 अंक लुढ़क गया था.

शेयर बाजार के जानकारों ने इस नकारात्मक रुझान के पीछे बजट में प्रस्तावित लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को जिम्मेदार बताया है. गुरुवार को पेश आम बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इक्विटी पर 10 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाने की घोषणा की थी. इसके अलावा रेटिंग एजेंसी फिट्च की टिप्पणी का भी बाजार पर असर माना जा रहा है. शुक्रवार को फिट्च ने कहा कि सरकार पर कर्ज का दवाब होने के चलते भारत की रेटिंग में सुधार फिलहाल रुक गया है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आगामी वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.5 फीसदी कर दिया है जो पहले 3.2 फीसदी था. गुरुवार को बजट पेश होने बाद भी शेयर बाजार में गिरावट आई थी. शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार को घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 380 करोड़ रुपये, जबकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 1099.78 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की थी.