देश के बाजार में जल्द ही भूसे से चलने वाली बाइकें दस्तक दे सकती हैं. परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में इस बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया, ‘दो बड़ी बाइक निर्माता कंपनियों ने वादा किया है कि इस महीने के अंत तक वे भारत में इलेक्ट्रिक और फ्यूल फ्लैक्स इंजन से चलने वाली अपनी बाइकों को लॉन्च करेंगी जो पेट्रोल और एथेनॉल दोनों तरह के ईंधन से चल सकती हैं.’

नितिन गडकरी ने बताया कि भारत सरकार एथेनॉल की पैदावार को बढ़ावा देने के लिए नीति बना रही है. एथेनॉल ऐसा ईंधन है जो गेहूं, चावल और बांस के भूसे से आसानी से बनाया जा सकता है. उनका कहना था, ‘एक टन चावल के भूसे से 280 लीटर एथेनॉल पैदा किया जा सकता है. यह इंडस्ट्री को नए आयाम पर ला देगा. एथेनॉल किफायती होने के साथ प्रदूषण मुक्त स्वच्छ ईंधन है.’ बकौल गडकरी, ‘एथेनॉल की कीमतें पेट्रोल से आधी हैं और इसके लिए उत्तर-पूर्वी इलाकों में बड़े पैमाने पर बांस की खेती पर जोर दिया जाएगा.’

गडकरी ने आगे कहा, ‘देश मे हर साल सात लाख करोड़ रुपए का कच्चा तेल निर्यात किया जाता है, ऐसे में यदि हम एथेनॉल पैदा कर के दो लाख करोड़ रुपए भी बचा पाए तो इससे भारत की कृषि की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बदला जा सकता है.’ उनका कहना था, ‘70 हजार करोड़ की लागत से तैयार होने वाली ऑयल रिफायनरी लगाने से अच्छा है कि भारत एथेनॉल पैदा करने के लिए बांस की खेती करे.’ गडकरी के मुताबिक ट्रांसपोर्ट को इलेक्ट्रिक, एथेनॉल, मीथेनॉल, बायो-डीज़ल और बायो सीएनजी ईंधन में तब्दील करने का खाका लगभग तैयार किया जा चुका है.

इस मौके पर गडकरी ने इलेक्ट्रिक बसों को भी बढ़ावा देने की बात कही जिनमें सुपर कैपेसिटर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. गौरतलब है कि इस तकनीक से एक बार चार्ज होने पर ये बसें 36 किलोमीटर तक चल पाने में सक्षम होंगी और महज तीन मिनट के अंतराल में इन्हें फिर से चार्ज किया जा सकेगा.

फोर्ड ने नई क्रॉसओवर ‘फीगो फ्रीस्टाइल’ से पर्दा हटाया

अमेरिकन ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्ड ने भारत में अपनी बहुचर्चित क्रॉसओवर फीगो फ्रीस्टाइल से पर्दा हटा दिया है. कंपनी ने इस कार का ग्लोबल डेब्यू भारत में ही किया है. जानकारों की मानें तो कंपनी ने फीगो के इस क्रॉसओवर अवतार में डिज़ाइन और स्टाइल को लेकर कई अहम बदलाव किए हैं जिनके साथ यह कार देश के बाजार में ह्युंडई आई-20 एक्टिव और टोयोटा इटियोस क्रॉस जैसी गाड़ियों को कड़ी टक्कर दे सकती है. फोर्ड ने इस कार को कॉम्पेक्ट यूटीलिटी व्हीकल नाम दिया है.

फोर्ड इंडिया ने इस कार में 1.2 लीटर की क्षमता वाला 3 सिलेंडर का इंजन दिया है जो 94 बीएचपी पॉवर के साथ 120 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. यदि इस कार के डीज़ल वर्जन की बात करें तो इसमें 1.5 लीटर की क्षमता वाला 3 सिलेंडर का इंजन लगा है जो 100 बीएचपी की अधिकतम पॉवर पैदा करने में सक्षम है. कंपनी ने इस कार को 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन से लैस किया है.

ऑटो विश्लेषकों के मुताबिक फोर्ड फ्रीस्टाइल कंपनी की बिल्कुल नई क्रॉसओवर डिजाइन वाली कार है और फीगो हैचबैक से न सिर्फ बड़ी है बल्कि कहीं ज्यादा स्टाइलिश भी है. इस कार का उत्पादन भारत में ही किया जाएगा और यहीं से इसे यूरोपीय देशों में निर्यात किया जाएगा. फीचर्स के लिहाज से बात करें तो कंपनी ने फोर्ड फ्रीस्टाइल में नए कलर का इंटिरीयर, एप्पल कार प्ले और एंड्रॉइड ऑटो कनेक्टिविटी वाले सिस्टम से लैस बिल्कुल नया 6.5 इंच का इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है. इस कार की कीमतों के बारे में अभी तक खुलासा नहीं किया गया है.

बजट के बाद लग्जरी कारों और बाइकों की कीमतों में इजाफा

लग्जरी कार खरीदने का मन बना रहे लोगों के लिए यह बजट निराशा लेकर आया है. आम बजट-2018 में कारों पर लगने वाले आयात शुल्क को बढ़ा दिया गया है जिसकी वजह से विदेशों से भारत आने वाले वाहन निर्माण उपकरणों और कारों की कीमतों में खासा इजाफा देखने को मिलेगा. लग्जरी कारों जैसे ऑडी और बीएमडब्ल्यू की कारों की कीमतों में 1.5 लाख रुपए से दस लाख रुपए तक बढोतरी होने की संभावना है.

यदि दूसरी कारों की बात करें तो ह्युंडई क्रेटा की कीमतों में सात हजार, ह्युंडई इलैंट्रा की कीमतों में सत्तर हजार, ऑडी ए-3 की कीमतों में 1.5 लाख रुपए, मर्सिडीज़ सीएलए की कीमतों में 1.2 लाख रुपए, ऑडी क्यू-7 की कीमतों में सात लाख रुपए, मर्सिडीज एस क्लास की कीमतों में पांच लाख रुपए और ऑडी आर-8 की कीमतों में दस लाख रुपए की बढ़ोतरी होने की संभावना है. बाइकों के लिहाज से देखें तो ट्रायम्फ स्ट्रीट ट्विन के दामों में तीस हजार और ट्रायम्फ टाइगर-1200 के दामों में एक लाख रुपए की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

आम बजट को लेकर लग्जरी कार निर्माताओं ने नाखुशी जाहिर की है. ऑडी इंडिया के प्रमुख राहिल अंसारी ने इस बारे में कहा, ‘बजट बहुत ही निराशाजनक है. इससे भारत में हमारी रोजगार वृद्धि की कोशिश और निवेश पर भी प्रभाव पड़ेगा.’