अधिक जनसंख्या वाले देशों में मोबाइल डाउनलोड की स्पीड में सुधार के मामले में भारत ने दूसरा स्थान हासिल किया है. चर्चित वेबसाइट ओक्ला की एक रिपोर्ट के अनुसार बीते साल भारत में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड में 42.4 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. इसके बाद देश में मोबाइल इंटरनेट की अधिकतम औसत स्पीड 8.80 एमबीपीएस हो गई है.

हालांकि, इस मामले में पहला स्थान पड़ोसी देश पाकिस्तान का रहा है, जो स्पीड में बढ़ोत्तरी और कुल औसत स्पीड दोनों ही लिहाज से भारत से आगे है. पाकिस्तान में नवंबर 2016 से नवंबर 2017 के बीच मोबाइल डाउनलोड स्पीड में 56.2 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई जिसके बाद वहां कुल औसत स्पीड 13.08 एमबीपीएस दर्ज की गई. इस मामले में ब्राजील का तीसरा स्थान रहा है जहां मोबाइल इंटरनेट की स्पीड 27.6 फीसदी के इजाफे के साथ 16.25 एमबीपीएस पर पहुँच गई.

ओक्ला की इस बार्षिक रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि मोबाइल से अलग ब्रॉड बैंड की स्पीड में सुधार के मामले में भारत सबसे आगे रहा है. देश में 2017 में ब्रॉड बैंड की स्पीड में 77 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है जिसके बाद अधिकतम औसत स्पीड 18.82 एमबीपीएस पर पहुँच गई है. इस श्रेणी में चीन दूसरे और अमेरिका तीसरे स्थान पर रहा है. जहां चीन में ब्रॉडबैंड डाउनलोड स्पीड 42.3 फीसदी की वृद्धि के साथ 61.24 एमबीपीएस दर्ज की गई. वहीँ, अमेरिका में डाउनलोड स्पीड 37.3 फीसदी वृधि के साथ रिकॉर्ड 75.94 एमबीपीएस तक पहुँच गई.

पिछले दिनों इंटरनेट की स्पीड को लेकर ओक्ला ने 122 देशों की एक सूची जारी की थी. इसमें मोबाइल इंटरनेट की कुल औसत स्पीड के मामले में भारत का 109वां स्थान था. इस मामले में वह अपने पड़ोसी देश चीन, पाकिस्तान, नेपाल, म्यांमार और श्रीलंका से भी पीछे है. सूची में चीन का 31वां, पाकिस्तान का 89वां, म्यांमार का 94वां, नेपाल का 99वां और श्रीलंका का 107वां स्थान था.