चीन ने भारत से कहा है कि मालदीव में पैदा हुए राजनीतिक संकट में उसे दखल नहीं देना चाहिए. यह बात चीनी सरकार के मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ के एक संपादकीय में कही गई है. संपादकीय में यह भी लिखा गया है, ‘मालदीव पर आई भारत की प्रतिक्रिया से चीन खुश नहीं है. किसी भी देश में उत्पन्न राजनीतिक संघर्ष उसका आंतरिक और निजी मसला है. ऐसे में नई दिल्ली को माले के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. ऐसा किए जाने का कोई औचित्य भी नहीं है. वैसे भी मालदीव पर भारत का पहले से भारी दबाव है.’

दूसरी तरफ मालदीव में राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन द्वारा आपातकाल की घोषणा के बाद वहां के मुख्य न्यायाधीश की गिरफ्तारी पर आज भारत ने चिंता जताई है और कहा है कि वह इससे ‘असहज’ है.

मालदीव संकट की शुरुआत बीते हफ्ते गुरुवार से हुई थी. उस दिन सुप्रीम कोर्ट ने वहां के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद को आरोप मुक्त करने के अलावा जेल में कैद नौ अन्य नेताओं की रिहाई के आदेश दिए थे. अब्दुला यमीन ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का पालन नहीं किया और फिर सोमवार को देश में 15 दिनों के लिए आपातकाल की घोषणा कर दी. संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका समेत कई अन्य देश पहले ही मालदीव के राष्ट्रपति से सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने की अपील कर चुके हैं.