भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने महंगाई बढ़ने की आशंका को देखते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला किया है. रेपो रेट पहले की तरह छह फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 5.75 फीसदी बना रहेगा. रेपो रेट वह दर होती है जिस पर बैंक आरबीआई से कर्ज लेते हैं. वहीं, रिवर्स रेपो पर बैंक अपना पैसा आरबीआई के पास जमा करते हैं.

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति हर दो महीने पर ब्याज दरों की समीक्षा करती है. बुधवार को इस समिति ने लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला किया. इससे पहले बीते साल अगस्त में आरबीआई ने रेपो रेट को 6.25 फीसदी से घटाकर छह फीसदी कर दिया था जो बीते छह साल का सबसे न्यूनतम स्तर था.

केंद्रीय बैंक ने जनवरी 2018 से मार्च 2018 के बीच महंगाई दर 5.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. इससे पहले आरबीआई ने अक्टूबर 2017 से मार्च 2018 के बीच महंगाई दर 4.3-4.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था. लेकिन दिसंबर 2017 में खुदरा महंगाई दर 5.21 फीसदी हो गई थी जो आरबीआई के चार फीसदी के लक्ष्य से ज्यादा थी. इसके अलावा आम बजट में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य बढ़ाया गया है, इसलिए महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.