सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर जमकर निशाना साधा है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मध्यप्रदेश के सतना जिले में उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाने की बात कही थी, लेकिन इसको लेकर कोई कदम नहीं उठाया. अन्ना हजारे ने आगे कहा, ‘भारत को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के नाम पर केवल प्रचार किया गया. इस सरकार में इसके (भारत को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के) लिए इच्छा शक्ति का अभाव है.’ वे लोकपाल की नियुक्ति में देरी को लेकर पहले भी मोदी सरकार पर निशाना साध चुके हैं.

वहीं, किसानों के मुद्दे पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा, ‘यह सरकार अडानी और अंबानी जैसे उद्योगपतियों के लिए ज्यादा चिंतित है, न कि किसानों के लिए.’ अन्ना हजारे ने यह भी कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था, जिसमें किसानों को फसलों का सही दाम न मिलने की बात उठाई गई थी और इसके लिए सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया था.

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने बताया कि वे 23 मार्च से दिल्ली में सख्त लोकपाल की मांग और किसानों के मुद्दों को लेकर आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. उनका यह भी कहना था कि वे केवल आम लोगों को उनके अधिकार और किसानों को उनकी फसलों की वाजिब कीमत दिलाना चाहते हैं.