उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक और वांछित अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया. इसके बाद राज्य में बीते 25 दिन में हुई मुठभेड़ों की कुल संख्या 60 हो चुकी है जबकि इनमें मारे गए कथित अपराधियों की तादाद आठ हो गई है. बीते साल मार्च में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से बीती जनवरी तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में 1,142 मुठभेड़ें हो चुकी हैं. इनमें 38 अपराधी मारे जा चुके हैं.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ गुरुवार को मुठभेड़ में मारे गए अपराधी का नाम मनोज कुमार सिंह था. उसे सीतापुर जिले के हरिहरपुर गांव में गुरुवार सुबह 3.30 बजे मार गिराया गया. वह 17 आपराधिक मामलों में वांछित था. अख़बार को प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार मार्च से जनवरी के बीच 2,744 अपराधियों को ग़िरफ़्तार किया गया है. जबकि 265 अपराधी और पुलिस के 247 जवान मुठभेड़ों में घायल हुए हैं.

बताया जाता है कि जितनी भी मुठभेड़ें हुई हैं उनमें से सभी की पुलिस और न्यायिक जांच कराई गई है. इनमें अब तक किसी भी मुठभेड़ को फ़र्ज़ी नहीं माना गया है .हालांकि कुछ जांचें अभी लंबित भी हैं. अलबत्ता विपक्ष ज़रूर मुठभेड़ें फ़र्ज़ी होने का आरोप लगा रहा है. राज्य विधानसभा और विधानपरिषद में गुरुवार को ही समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाज़ी की. ये नारे लगा रहे थे, ‘निर्दोषों का फ़र्ज़ी एनकाउंटर बंद करो, बंद करो.’

इस बाबत प्रदेश के गृह सचिव अरविंद कुमार कहते हैं, ‘सभी एसएसपी (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) व एसपी (पुलिस अधीक्षक) स्तर के अधिकारियों को विशेष टीमें बनाकर भगोड़े अपराधियों की धरपकड़ का निर्देश दिया गया है. लकिन इसी कार्रवाई के दौरान कभी-कोई अपराधी पुलिस टीम से मुक़ाबले की कोशिश करते हैं और मुठभेड़ हो जाती है.’