नीति आयोग द्वारा तैयार स्वास्थ्य सूचकांक रिपोर्ट में केरल अव्वल आया है. वहीं, बड़े राज्यों में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बड़े राज्यों के स्वास्थ्य सूचकांक में केरल के बाद पंजाब, तमिलनाडु और गुजरात का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है. हालांकि, प्रदर्शन में सालाना बढ़ोतरी के मामले में झारखंड सबसे ऊपर, जबकि जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं. इन राज्यों ने बीते कुछ महीनों में नवजात मृत्यु दर, पांच से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर, संपूर्ण टीकाकरण और एचआईवी संक्रमित लोगों के इलाज जैसे संकेतकों के मामले में अच्छा सुधार किया है.

नीति आयोग की ‘हेल्दी स्टेट्स, प्रोग्रेसिव इंडिया’ रिपोर्ट के मुताबिक छोटे राज्यों के स्वास्थ्य सूचकांक में मिजोरम पहले स्थान पर आया है. जबकि मणिपुर दूसरे और गोवा तीसरे स्थान पर हैं. केंद्र शासित प्रदेशों में लक्षद्वीप अंतिम प्रदर्शन और प्रदर्शन में सालाना बढ़ोतरी दोनों ही मामलों में अव्वल रहा है.

शुक्रवार को रिपोर्ट जारी करते हुए नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा, ‘नीति आयोग मानता है कि स्वास्थ्य सूचकांक सहयोगी और प्रतियोगी संघवाद को हासिल करने के उपकरण के रूप में काम करेगा.’ उनका यह भी कहना था कि इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में परिणामों को हासिल करने की रफ्तार बढ़ेगी. वहीं, नीति आयोग के सदस्य विनोद पॉल ने कहा कि स्वास्थ्य सूचकांक में अंतिम प्रदर्शन और प्रदर्शन में सालाना बढो़तरी का आकलन किया गया है जो राज्यों को एक-दूसरे से सीखने के लिए प्रेरित करेगा.