उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षा छोड़ने वाले छात्रों की संख्या छह लाख से ज्यादा हो गई है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार पहले तीन दिन की बोर्ड परीक्षा में हाई स्कूल के 3,79,782, जबकि 12वीं के 2,53,435 छात्र गैर-हाजिर रहे. इस साल बोर्ड परीक्षा के लिए 66.37 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था जो पिछले साल से काफी ज्यादा है. पिछले साल 55 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था.

इस साल परीक्षा छोड़ने वाले छात्रों की संख्या पहले ही पिछले साल का आंकड़ा पार कर गई है. रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड परीक्षा के पहले दिन 2.89 लाख छात्र और दूसरे दिन 2.15 लाख छात्र गैर-हाजिर रहे. मौजूदा रुझान के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि बोर्ड परीक्षा समाप्त होते-होते यह आंकड़ा 7.5 लाख से ज्यादा हो जाएगा.

राज्य के उपमुख्यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा ने इसका श्रेय शिक्षा माफियाओं के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को दिया है. उन्होंने कहा, ‘(परीक्षा छोड़ने वाले) इन परीक्षार्थियों में से 80 फीसदी दूसरे राज्य के हैं जो नामांकन कराने के बाद कभी स्कूल नहीं आए. बीते वर्षों में ऐसे छात्र केवल परीक्षा के समय ही दिखाई देते थे.’

दिनेश शर्मा ने आगे कहा कि परीक्षा पर बेहतर नियंत्रण रखने के लिए पिछले साल के 11,415 परीक्षा केंद्रों की तुलना में इस बार 8,549 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों में 220 दिन पढ़ाई को अनिवार्य कर दिया है, अगर ठीक से पढ़ाई होगी तो छात्र नकल नहीं करेंगे. उत्तर प्रदेश सरकार ने नकल माफियाओं को रोकने के लिए इस बार परीक्षा केंद्रों के ऑनलाइन आवंटन, स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने और उत्तर प्रदेश पुलिस की टास्कफोर्स बनाने जैसे कदम उठाए हैं.