जम्मू-कश्मीर के सुंजवान (जम्मू शहर का इलाका) सैन्य शिविर पर शनिवार तड़के हुए आतंकी हमले में अब तक सेना के दो अफ़सर शहीद हो चुके हैं. जबकि छह अन्य के घायल होने की ख़बर है. आतंकियों से मुठभेड़ अभी जारी है.

द फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक़ जम्मू-कश्मीर के संसदीय मामलों के मंत्री अब्दुल रहमान वीरीबी ने बताया कि शहीद सैन्य अफ़सरों के नाम- सूबेदार मगनलाल और सूबेदार मोहम्मद अशरफ़ हैं. बताया जाता है कि सेना ने पूरे इलाके को घेर रखा है. मौके पर पैराकमांडोज़ भी पहुंच गए हैं. अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. लेकिन अधिकारियों का मानना है कि इसके पीछे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ हो सकता है.

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने बताया, ‘आतंकी सैन्य शिविर में पीछे वाले हिस्से से दाख़िल हुए थे. उस तरफ़ फैमिली क्वार्टर्स बने हैं.’ इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए पुलिस महानिरीक्षक एसडी सिंह जामवाल ने बताया, ‘सुबह 4.55 बजे के क़रीब संदिग्ध गतिविधि देखी गई थी. एक बंकर पर फायरिंग भी की गई जिसका जवाब दिया गया. आतंकियों की संख्या के बारे में अभी नहीं पता चला है. वे सैन्य शिविर में स्थित एक मकान में छिपे हैं.’

यह सैन्य शिविर सेना की 36वीं ब्रिगेड के तहत आने वाली जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंट्री का है. यहां आतंकी हमले के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट है. जम्मू शहर के अहम स्थानों की सुरक्षा सख़्त कर दी गई है. सैन्य शिविर के आसपास के सभी स्कूल ऐहतियात के तौर पर बंद करा दिए गए हैं. ग़ौरतलब है कि संसद पर हुए आतंकी हमले के दोषी अफ़ज़ल गुरु की फ़ांसी (नौ फरवरी 2013 को) की बरसी के अगले दिन यह हमला हुआ जिसकी आशंका पहले से ही ज़ताई जा रही थी.