खाड़ी देशों की चार दिवसीय यात्रा के दौरान शनिवार को प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी फिलिस्तीन के रामल्ला पहुंचे जहां फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री रामी हमदल्ला ने उनकी अगवानी की है. रामल्ला पहुंचने के बाद मोदी ने कहा, ‘यह एक ऐतिहासिक यात्रा है जो भारत और फिलिस्तीन को और करीब लाएगी.’ नरेंद्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने पश्चिम एशिया के इस देश की यात्रा की है.

हमदल्ला के बाद फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास भी मोदी से मुलाकात के लिए पहुंचे. गार्ड आॅफ आॅनर के बाद अब्बास ने भारतीय प्रधानमंत्री को ‘ग्रैंड कॉलर आॅफ द स्टेट आॅफ फिलिस्तीन’ सम्मान से नवाजा. यह फिलिस्तीन की तरफ से विदेशी नेताओं को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है.

दोनों नेताओं की आपसी मुलाकात के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा है, ‘फिलिस्तीन की शांति और संप्रभुता के लिए भारत प्रतिबद्ध है. भारतीय विदेश नीति में हमेशा से फिलिस्तीन का अहम दर्जा रहा है.’ उन्होंने यह भी कहा कि फिलिस्तीन में शांति और उसकी संप्रभुता के लिए भारत आशान्वित है. साथ ही मोदी ने यह विश्वास भी दिलाया कि फिलिस्तीन के हितों का भारत हमेशा ख्याल रखेगा. कूटनीति को स्थानीयता का पुट देते हुए नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन को अरबी भाषा के शब्द शुकरन से विराम दिया. इस शब्द का मतलब होता है - शुक्रिया.

उधर महमूद अब्बास ने कहा, ‘भारत के प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देश के बीच के आपसी प्रेम को दर्शाती है. फिलिस्तीन के लिए यह गर्व का विषय है कि वह भारत के प्रधानमंत्री की मेहमाननवाजी कर रहा है.’ अब्बास ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन में भारत की अहम भूमिका को याद करते हुए यह भी कहा कि आज भारत एक अंतरराष्ट्रीय शक्ति बनने की ओर अग्रसर है.

नरेंद्र मोदी की इस यात्रा के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी हुईं. मोदी ने दोनों देशों के बीच शैक्षिक आदान-प्रदान के तहत विद्यार्थियों की संख्या को 50 से बढ़ाकर 100 करने की घोषणा की है. भारत फिलिस्तीन में इंस्टिट्यूट ऑफ डिप्लोमेसी के निर्माण में मदद कर रहा है. इसका जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है, ‘मुझे इस बात की खुशी है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों का विकास से संबंधित क्षेत्र में सहयोग और आगे बढ़ेगा.’ नरेंद्र मोदी ने रामल्ला में भारत के सहयोग से एक टेक्नोलॉजी पार्क बनने की जानकारी देते हुए कहा कि भारत बुनियादी ढांचा विकास और अन्य परियोजनाओं के लिए फिलिस्तीन को वित्तीय मदद देना जारी रखेगा.

नरेंद्र मोदी की फिलिस्तीन यात्रा का एक दिलचस्प पहलू यह भी रहा कि वे यहां जॉर्डन के हेलीकॉप्टर से पहुंचे, वहीं इस यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा में इजरायल की वायुसेना ने अपना एक हेलीकॉप्टर तैनात किया था. फिलिस्तीन में नरेंद्र मोदी ने वहां के सबसे चर्चित नेता यासिर अराफात के मकबरे पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी है.