मोदी जी बिलकुल सही कहते हैं कि अगर सरदार पटेल हमारे पहले प्रधानमंत्री होते तो आज का भारत बहुत अलग होता, क्योंकि तब न राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ होता और न नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन पाते.


नरेंद्र मोदी – आपको इतना नाराज नहीं होना चाहिए, मैंने तो आपकी हंसी की तुलना सीता जी से की थी.
रेणुका चौधरी – झूठ मत बोलिए, क्या मुझे नहीं पता कि मेरी हंसी कैसी है!


सप्ताह का कार्टून :

स्रोत : कार्टूनिस्ट कप्तान की फेसबुक वॉल से
स्रोत : कार्टूनिस्ट कप्तान की फेसबुक वॉल से

भाजपा को जवाहरलाल नेहरू की बुराई करने के बजाय उनका आभार मानना चाहिए क्योंकि वे न होते तो भाजपा के नेता विरोधियों से यह कैसे कह पाते – ‘...पाकिस्तान चले जाओ!’


बीते चार साल में भाजपा सरकार ने बहुत मेहनत की है और इस वजह से हम सब पकौड़े बेचने को रोजगार मानने लगे, तो क्यों न 2019 में पार्टी को आराम देते हुए उसे पकौड़े बेचने का मौका दिया जाए?


बजट सत्र के दौरान मोदी जी देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री भी बन गए हैं जिन्होंने संसद से चुनाव रैली को संबोधित किया है.


शिक्षक परीक्षा से पहले छात्रों से – तुम लोगों को डर तो नहीं लग रहा?
एक छात्र – किस बात का डर?
शिक्षक – परीक्षा में कम नंबर आने का?
छात्र – अरे सर, डर कैसा! नंबर कम आएं या ज्यादा, बेचने तो पकौड़े ही हैं.