ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने साफ़ कर दिया है कि बाबरी मस्जिद के मामले में वह अपने पूर्व के रुख़ पर क़ायम है. इस बाबत बोर्ड की ओर से कहा गया, ‘बाबरी मस्जिद अल्लाह की संपत्ति है. इसे किसी को नहीं सौपा जा सकता.’

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ बोर्ड के सचिव मौलाना उमरैन महफ़ूज़ रहमानी ने बताया कि इस मामले में मुस्लिमों के रुख़ में कोई तब्दीली नहीं आई है. उन्होंने बताया, ‘अगर काेई संपत्ति एक बार अल्लाह को सौंप दी जाती है तो वह उसी की हो जाती है. फ़िर इसे न तो किसी को बेचा जा सकता है, न उपहार में दिया जा सकता है ओर न ही अलग-थलग छोड़ा जा सकता है.’ एआईएमपीएलबी हैदराबाद में हुए पूर्ण अधिवेशन में इस बाबत संकल्प भी पारित किया गया.

रहमानी ने बताया, ‘अयोध्या के विवादित स्थल के बारे में जब भी दूसरे पक्ष से पहल की गई मुस्लिम समुदाय से हमेशा सहयोग किया. लेकिन हिंदू संगठन हमेशा ही चाहते रहे हैं कि मुस्लिम बाबरी मस्जिद पर से अपना हक़ छोड़ दे. लेकिन यह संभव नहीं है. इसके अलावा विवाद के हल के लिए जो भी मदद होगी वह करने के लिए हम तैयार हैं. वैसे यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है. वहां हमने अपना पक्ष रख दिया है. हमें उम्मीद है कि फ़ैसला भी हमारे पक्ष में आएगा.’