उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद अब एक और भाजपा शासित राज्य राजस्थान ने भी किसानों का कृषि कर्ज माफ करने की घोषणा की है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सोमवार को पेश बजट में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने छोटे किसानों का 50 हजार रुपये तक का कर्ज माफ करने का ऐलान किया. राजस्थान में वित्त विभाग मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पास है. इस कर्जमाफी से राजकोष पर 8,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. इसके साथ मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने किसानों की समस्याएं सुलझाने के लिए किसान राहत आयोग बनाने की भी घोषणा की है.

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा किसानों की कर्जमाफी की घोषणा के बाद विपक्षी विधायकों ने विधानसभा में जमकर हंमामा किया. उनका कहना था कि यह घोषणा किसानों के हितों के साथ धोखा है और सरकार को उनका पूरा कर्ज माफ करना चाहिए. वसुंधरा राजे सरकार ने बीते साल सीकर में हजारों किसानों के दो हफ्ते तक चले धरने के बाद 20 हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज देने की घोषणा की थी. इसके बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया था.

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बजट में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का भत्ता बढ़ाने और 80 वर्ष से ज्यादा आयु के नागरिकों को बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने की भी घोषणा की है. इसके अलावा जयपुर में रामनिवास बाग से दिल्ली रोड तक अंडरपास बनाने और गौशालाओं में बायोगैस प्लांट लगाने की भी घोषणा की है.