तमिलनाडु की विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की तस्वीर लगाने को लेकर विवाद शुरू हो गया है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सोमवार को जे जयललिता की इस तस्वीर का विधानसभा अध्यक्ष पी धनपाल ने अनावरण किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ई पलानीसामी और उपमुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम मौजूद रहे. लेकिन कांग्रेस और डीएमके जैसे विपक्षी दलों ने यह कहते हुए इस कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया कि एआईएडीएमके की पूर्व प्रमुख को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराया गया था, इसलिए वे इस सम्मान (विधानसभा में तस्वीर) के लिए योग्य नहीं हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को डीएमके विधायक जे अनबाझगन ने मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और इस मामले में दखल देने की मांग की है. वहीं, डीएमके के कार्यवाहक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने इसे विधानसभा के इतिहास का ‘काला दिन’ बताया है. उन्होंने यह भी कहा, ‘इस कदम ने विधानसभा की गरिमा और पवित्रता दोनों को घटाया है. डीएमके और अन्य पार्टियों के विरोध के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष ने इसे होने दिया. यह स्वीकार नहीं किया जा सकता.’

हालांकि, भाजपा ने खुद को इस विवाद से अलग रखा है. उसका कहना है कि भले ही जे जयललिता को आय से अधिक मामले में दोषी ठहराया गया हो लेकिन विधानसभा में उनकी तस्वीर लगाने में कोई बुराई नहीं है, क्योंकि उन्होंने राज्य के भले के लिए काम किया था. जे जयललिता का दिसंबर 2016 में निधन हो गया था. तब वे तमिलनाडु की मुख्यमंत्री थीं और आय से अधिक संपत्ति के मामले में जमानत पर थीं.