उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में एक दलित छात्र की हत्या के खिलाफ सड़क से लेकर राज्य की विधानसभा तक प्रदर्शन हुआ. बीते हफ्ते इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कानून के छात्र दिलीप सरोज की कुछ लोगों ने हॉकी स्टिक और लोहे के रॉड से पिटाई कर दी थी. इसमें घायल दिलीप ने रविवार को दम तोड़ दिया था. एनडीटीवी के अनुसार सोमवार को इसके विरोध में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने शीर्ष पुलिस अधिकारियों का घेराव किया. इस दौरान छात्रों के एक समूह ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पथराव किया और एक बस को आग के हवाले कर दिया.

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में रेस्टोरेंट के कर्मचारी मुन्ना चौहान को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक मुन्ना चौहान ने ही दिलीप सरोज के सिर पर लोहे की रॉड से वार किया था. लेकिन विजय शंकर सिंह नाम का व्यक्ति अभी भी फरार चल रहा है, जिससे रेस्ट्रोरेंट में घुसते समय अनजाने में दिलीप सरोज टकरा गया था. विजय शंकर सिंह रेलवे का कर्मचारी बताया जा रहा है. मारपीट की इस घटना को राहगीरों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था. इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया है, जो इस मारपीट के वक्त महज सौ मीटर की दूरी पर मौजूद थे.

उधर, सपा विधायकों ने विधानसभा में इलाहाबाद में दलित छात्र की हत्या का मुद्दा उठाया और कानून- व्यवस्था के मुद्दे पर आदित्यनाथ सरकार को कटघरे में खड़ा किया. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सपा विधायक अहमद हसन ने कहा कि दलितों के साथ ऐसी घटनाएं पूरी देश में हो रही हैं, लेकिन सरकार चुप है. लखनऊ के काकोरी में डकैती की घटना का जिक्र करते हुए अहमद हसन ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है.