‘पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ावा देने के दुस्साहस की कीमत चुकानी पड़ेगी.’

— निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण का यह बयान जम्मू-कश्मीर के सुंजवान में सेना के कैंप पर आतंकी हमले को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान पीर पंजाल के दक्षिण तक आतंकवाद को विस्तार दे रहा है और घुसपैठ कराने के लिए ही लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है.’ निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस हमले को लेकर भी जो सबूत मिलेंगे, उन्हें पाकिस्तान को सौंपा जाएगा, लेकिन उसने अब तक सौंपे गए किसी सबूत पर कोई कार्रवाई नहीं की है. रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में आतंकी हमलों के लिए पाकिस्तान के जिम्मेदार होने की बात कई बार साबित की जा चुकी है.

‘मैं पाकिस्तान से भी प्यार करता हूं क्योंकि मैं भारत से प्यार करता हूं.’

— मणिशंकर अय्यर, पूर्व केंद्रीय मंत्री और निलंबित कांग्रेस नेता

पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर का यह बयान भारत को अपने पड़ोसियों से प्यार करने और बातचीत से विवादों को सुलझाने की सलाह देते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘निर्बाध बातचीत ही भारत-पाकिस्तान के बीच समस्याओं को हल करने का एकमात्र रास्ता है.’ मणिशंकर अय्यर ने आगे कहा कि पाकिस्तान ने समस्याएं सुलझाने के लिए निर्बाध बातचीत की नीति को मान लिया है, लेकिन भारत ने नहीं माना है. उन्होंने यह भी कहा कि ‘कश्मीर’ और ‘भारत-निर्देशित आतंकवाद’ दो प्रमुख मुद्दे हैं, जिनसे दोनों देशों को निपटने की जरूरत है.


‘प्राकृतिक आपदा से बचने का एकमात्र उपाय हनुमान चालीसा का रोजाना पाठ है.’

— रमेश सक्सेना, भाजपा नेता

भाजपा नेता रमेश सक्सेना का यह बयान मध्य प्रदेश में बारिश और ओले गिरने के पूर्वानुमान को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘अगर आप लोगों (किसानों) ने हर गांव में प्रतिदिन एक घंटा हनुमान चालीसा का पाठ कर लिया तो इस प्रकोप से बचा जा सकता है.’ रमेश सक्सेना ने यह भी कहा कि सभी युवाओं को अगले चार-पांच दिन तक एक घंटा हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. वे मध्य प्रदेश के सीहोर से विधायक रह चुके हैं. यहां बीते कुछ दिनों में बेमौसम बरसात और ओला गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है.


‘हमारे देश की रक्षा करने वालों के बारे में दिया गया मोहन भागवत का बयान गलत है.’

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

कांग्रेस अधक्ष राहुल गांधी का यह बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के विवादित टिप्पणी पर आया. रविवार को मोहन भागवत ने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो आरएसएस तीन दिन में ‘सेना’ खड़ी कर सकता है. इस पर राहुल गांधी के कहा कि मोहन भागवत को इस बयान के लिए न केवल भारतीय सेना, बल्कि नौसेना और वायुसेना से भी माफी मांगनी चाहिए. वहीं, राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका कॉन्ट्रेक्ट हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से लेकर अपने दोस्त को क्यों दे दिया, उन्हें इसका जवाब देना चाहिए.


‘तुलना सेना और आरएसएस के बीच नहीं, बल्कि आम समाज और आरएसएस के बीच थी, जिन्हें सेना ही प्रशिक्षण देगी.’

— मनमोहन वैद्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पदाधिकारी

आरएसएस पदाधिकारी मनमोहन वैद्य का यह बयान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर सफाई देते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘भागवत जी ने कहा था कि अगर स्थिति बनी और संविधान ने इजाजत दी तो सेना को समाज को तैयार करने में छह महीने लग जाएंगे, जबकि आरएसएस के स्वयंसेवकों को तीन दिन में ही प्रशिक्षित किया जा सकता है, क्योंकि वे नियमित रूप से अनुशासन में रहते हैं.’ रविवार को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि आरएसएस जरूरत पड़ने पर तीन दिन में ‘सेना’ खड़ी कर सकता है.


‘इजराइल-सीरिया टकराव में ईरान की दखलंदाजी को लेकर ब्रिटेन चिंतित है.’

— बोरिस जॉन्सन, ब्रिटेन के विदेश मंत्री

ब्रिटिश विदेश मंत्री बोरिस जॉन्सन का यह बयान सीरिया सीमा पर इजराइली लड़ाकू विमान मार गिराने के बाद के हालात पर आया. उन्होंने कहा कि ईरान की दखलंदाजी से इस इलाके में जारी शांति प्रक्रिया बाधित हो सकती है. बोरिस जॉन्सन ने आगे कहा, ‘हम (ब्रिटेन) रूस को प्रोत्साहित कर रहे हैं कि वह सीरियाई सरकार और अन्य समर्थकों को उकसावे से दूर रखने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे.’ शनिवार को इजराइली लड़ाकू विमान मार गिराए जाने के बाद सीरिया में इजराइल और ईरान समर्थित सेना के बीच गंभीर टकराव चल रहा है.