आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं. उनके पास 177 करोड़ रुपये की संपत्ति है. चंद्रबाबू नायडू के साथ सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों के क्लब में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू (129 करोड़ रु) और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (48 करोड़ रु) भी शामिल हैं. वहीं, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार (26 लाख रुपये), पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (30 लाख रुपये) और जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (55 लाख रुपये) सबसे कम अमीर मुख्यमंत्रियों की सूची में हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक असोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा देश के 29 राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के हलफनामों का विश्लेषण किए जाने के बाद यह तथ्य सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक देश के हर मुख्यमंत्री की कुल औसत संपत्ति 16 करोड़ रुपये है. 25 मुख्यमंत्री करोड़पति हैं. रिपोर्ट में 55 प्रतिशत मुख्यमंत्रियों की संपत्ति एक से 10 करोड़ रुपये तक बताई गई है. वहीं, 19 प्रतिशत मुख्यमंत्री ऐसे हैं जिनकी संपत्ति एक करोड़ रुपये से कम है. सात प्रतिशत के पास 100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की संपत्ति है.

वहीं, आपराधिक मामलों के लिहाज से देखें तो 31 मुख्यमंत्रियों में से 20 का रिकॉर्ड बिलकुल साफ है. यानी उन पर कोई मामला दर्ज नहीं है. वहीं, 11 मुख्यमंत्री ऐसे हैं जिन्होंने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है. इनमें आठ मुख्यमंत्रियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के खिलाफ सबसे अधिक (22 से ज्यादा) मामले दर्ज हैं. उनके बाद केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने हलफनामे में 11 आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की थी. तीसरे नंबर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं. उनके खिलाफ 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं.

वहीं, शिक्षा के लिहाज से देखें तो 33 प्रतिशत मुख्यमंत्री ग्रेजुएट हैं, 16 प्रतिशत पोस्ट-ग्रेजुएट और 10 प्रतिशत मुख्यमंत्री हाई स्कूल पास हैं. सिक्किम के मुख्यमंत्री पीके चामलिंग के पास डॉक्टरेट की डिग्री है.