उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावों में बतौर स्टार कैंपेनर मांग बढ़ती जा रही है. उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद उनकी लोकप्रियता और बढ़ी थी जिसे देखते हुए योगी आदित्यनाथ को हिमाचल प्रदेश और गुजरात चुनाव में भाजपा के स्टार कैंपेनर के रूप में उतारा गया था. वे केरल की वामपंथी सरकार के खिलाफ भाजपा के ‘लाल आतंक’ अभियान का भी प्रमुख चेहरा हैं. अब खबर है कि पार्टी उन्हें पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ कर्नाटक में होने वाले चुनावों में भी बड़ी भूमिका निभाने के लिए उतार सकती है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक योगी आदित्यनाथ इस समय दो दिवसीय दौरे के तहत त्रिपुरा में हैं जहां 18 फरवरी को वोट डाले जाएंगे. बताया जा रहा है कि योगी वहां अपने पंथ के लोगों को भाजपा के पक्ष में करने का काम करेंगे. यहां अगरतला स्थित गोरखनाथ मंदिर के प्रमुख पुजारी निखिल देवनाथ ने बताया कि त्रिपुरा में नाथ पंथ के काफी अनुयायी हैं. इनमें से ज्यादातर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के हैं. देवनाथ ने कहा कि वे ओबीसी समुदाय के लिए आरक्षण चाहते हैं. उन्होंने बताया, ‘ओबीसी समाज के लिए कोई कोटा नहीं है जबकि राज्य में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए 48 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है. हमें उम्मीद है कि हमारे संत (योगी आदित्यनाथ) इस मुद्दे को उपयुक्त लोगों तक ले जाएंगे.’

आदित्य नाथ कर्नाटक का दौरा भी कर चुके हैं. वे वहां श्री आदिचुनचुनगिरी मठ में रुके थे. भाजपा ने उनकी और निर्मलनंदा नाथ की तस्वीरें इस संदेश के साथ लगाई थीं : योगी आदित्यनाथ शनिवार को बेंगलुरु में थे. वे रात को किसी पांच सितारा होटल में नहीं बल्कि आदिचुनचुनगिरी मठ में रुके थे जिसका संबंध नाथ पंथ से है. जाहिर है कि इसका मकसद आदित्यनाथ की सादगी का संदेश देकर मतदाताओं को अपनी तरफ खींचना था.