सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. यह जनहित याचिका मई 2016 में स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने लगाई थी. इसकी सुनवाई जस्टिस एके गोयल और जस्टिस यूयू ललित की बेंच कर रही थी. इस याचिका में 2006-07 में हुए इस सौदे के लिए छत्तीसगढ़ सरकार को 10.2 करोड़ रुपये की रिश्वत दिए जाने और मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह द्वारा इसके लिए एक फर्जी कंपनी बनाने का आरोप लगाया गया था. इसके अलावा इसमें टेंडर नियमों को दरकिनार करने का भी आरोप लगाया गया था.

31 जनवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार से इस सौदे को लेकर गंभीर सवाल पूछे थे. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार अदालत ने कहा था, ‘इसमें अभिषेक सिंह का क्या हित है, जो मुख्यमंत्री के बेटे हैं. आपको इस बारे में हमें संतुष्ट करना होगा.’ अदालत ने छत्तीसगढ़ सरकार से याचिका में लगाए गए आरोपों का जवाब के साथ अभिषेक सिंह के विदेश में मौजूद बैंक खातों की जानकारी भी मांगी थी.

वहीं, नवंबर 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार से अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे के मूल दस्तावेज मांगे थे. इसके अलावा पूछा था कि इस सौदे के लिए केवल अगस्ता वेस्टलैंड के लिए ही ग्लोबल टेंडर क्यों निकाला गया था? बेंच ने यह भी पूछा था कि क्यों अगस्ता वेस्टलैंड के अलावा अन्य विकल्पों पर विचार करने के (नागरिक विमानन) मुख्य सचिव के सुझाव को राज्य सरकार ने नहीं माना था और क्या यह अनौपचारिक फैसला था?