पाकिस्तान ने हाफिज सईद के जमात-उद-दावा (जेयूडी) और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) को प्रतिबंधित संगठनों की सूची में डाल दिया है. पाकिस्तान ने एक अध्यादेश के जरिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अपने आतंकरोधी कानून (एटीए) में बदलाव किया है. खबरों के मुताबिक राष्ट्रपति ममनून हसन ने इस अध्यादेश पर बीते शुक्रवार को ही हस्ताक्षर कर दिए थे. हालांकि, यह जानकारी सोमवार को सामने आई.

रिपोर्ट के मुताबिक इस अध्यादेश के जरिए सरकार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित व्यक्तियों और संगठनों के कार्यालयों को सील करने और उनके बैंक खातों पर रोक लगाने का अधिकार मिल गया है. पाकिस्तान ने यह कदम फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की 18 फरवरी को पेरिस में होने जा रही बैठक से पहले उठाया है. इस बैठक में आतंकियों के वित्त पोषण और मनी लॉन्डरिंग रोकने के लिए 2015 के बाद पाकिस्तान को दोबारा ‘ग्रे लिस्ट’ में डाले जाने का खतरा मंडरा रहा है.

एफएटीएफ के एक प्रतिनिधिमंडल ने इसी महीने पाकिस्तान का दौरा किया था और उसके खिलाफ नकारात्मक रिपोर्ट दी थी. प्रतिनिधिमंडल ने कहा था कि पाकिस्तान आतंकियों को मिलने वाली वित्तीय मदद और मनी लॉन्डरिंग रोकने के लिए जरूरी कानूनों को लागू करने में कमजोर पड़ रहा है. हालांकि, बीते महीने शाहिद खाकन अब्बासी के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार ने जेयूडी, एफआईएफ और अन्य संगठनों को व्यक्तियों और कंपनियों द्वारा अनुदान देने पर रोक लगा दी थी.