उष्ण कटिबंधीय चक्रवात गीता ने प्रशांत महासागर के द्वीपीय देश टोंगा में जबरदस्त तबाही मचाई है. खबरों के मुताबिक मंगलवार को चक्रवात की वजह से यहां का 100 साल पुराना संसद भवन पूरी तरह तबाह हो गया. चक्रवात गीता श्रेणी-4 का चक्रवात है, जिसे बीते 60 साल में यहां आया सबसे शक्तिशाली तूफान बताया जा रहा है.

चक्रवात गीता से टोंगा में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. इसके अलावा तेज हवाओं से कई घरों की छतें उड़ गई हैं. इससे तकरीबन 5000 लोगों को राहत शिविरों में रखना पड़ा है. इस बीच टोंगा को न्यूजीलैंड ने 350 करोड़ रुपये, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 176 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की है.

रिपोर्ट के मुताबिक चक्रवात गीता मंगलवार को फिजी की तरफ मुड़ गया है और श्रेणी पांच के चक्रवात में तब्दील हो गया है. फिजी के प्रधानमंत्री फ्रैंक बैनीमरामा ने देशवासियों को चेतावनियों पर गौर करने और चक्रवात से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए कहा है. हालांकि, मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह तूफान सघन आबादी वाले इलाके से नहीं गुजरेगा. वहीं, फिजी के आपदा प्रबंधन कार्यालय का कहना है कि इससे दो द्वीपों पर रहने वालों को खतरा है, इसलिए बूढ़े और निशक्त लोगों को राहत शिविरों में लाने के लिए कहा गया है.