कल वैलेंटाइन डे है और हर बार की तरह सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसको लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है. आज इसी से जुड़ी एक खबर यहां बहस का मुद्दा बनी हुई है. मंगलवार को आई इस खबर के मुताबिक लखनऊ विश्वविद्यालय ने 14 फरवरी को विश्वविद्यालय परिसर बंद रखने का एक सर्कुलर जारी किया है. इसकी भाषा बड़ी ही दिलचस्प है और इसे कई लोगों ने शेयर किया है. इसमें कहा गया है, ‘... पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित होकर समाज के कतिपय नवयुवक दिनांक 14-02-2018 को वैलेंटाइन डे मनाते हैं... छात्र-छात्राओं को सूचित किया जाता है कि दिनांक 14-2-2018 को विश्वविद्यालय में महाशिवरात्रि का अवकाश है...’

इस मामले में ज्यादातर लोगों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की आलोचना करते हुए टिप्पणियां की हैं. पूजा प्रियंवद की फेसबुक पोस्ट है, ‘एक और तालिबानी फरमान... पिछली बार जब मैंने वोट दिया था तब यह देश भारत था... अब धीरे-धीरे अफगानिस्तान बनता जा रहा है.’ विभोर पांडे ने चुटकी ली है, ‘कल से सब भाई-बहन कहलाएंगे – चापलूस यूनिवर्सिटी, लखनऊ.’

सोशल मीडिया में इस खबर पर आईं कुछ और टिप्पणियां :

अंशुल सक्सेना | @AskAnshul

डियर लखनऊ विश्वविद्यालय और सभी वैलेनटाइन विरोधी कार्यकर्ता, हमें पश्चिमी कपड़े, कैलेंडर और तकनीक स्वीकार्य है. हमें पश्चिमी पर्यटक, निवेश आदि भी स्वीकार्य हैं लेकिन यह एक दिन स्वीकार न करके हम अपना दोहरा रवैया दिखा रहे हैं.

इंडियन हिस्टरी पिक्स | @IndiaHistorypic

भगवान शिव नटराज मुद्रा में (तमिलनाडु से मिली 11वीं शताब्दी की प्रतिमा)

हिमांशु बाजपेयी | @himanshbajpai31

बजरंग दल से हाथ मिलाने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय को बधाई!

शाक्य जी | @Lucknowie

अब अगला फैसला यह होगा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए कौमार्य परीक्षण किया जाएगा.

बोधिसत्व विवेक | facebook/bodhisatva.vivek

उन्हें बताया जाए – आप फूलों को तो मसल सकते हैं लेकिन बहारों को आने से कैसे रोकेंगे! (पाब्लो नेरूदा)