आंध्र प्रदेश को विशेष दर्ज़ा दिए जाने की मांग को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है. अब तक राज्य की सत्ताधारी टीडीपी (तेलुगु देशम पार्टी) ने उसके सांसदों के इस्तीफ़े की धमकी दी हुई थी. अब वहां की मुख्य विपक्षी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने इसी तरह की धमकी दी है. पार्टी प्रमुख जगनमोहन रेड्‌डी ने कहा है, ‘अगर केंद्र सरकार छह अप्रैल तक आंध्र प्रदेश को विशेष दर्ज़ा नहीं देती तो हमारी पार्टी के सभी सांसद इस्तीफ़ा दे देंगे.’

रेड्‌डी ने कहा है कि इस बीच (छह अप्रैल की समय सीमा तक) संसद में उनकी पार्टी के सांसद लगातार विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे. ग़ौरतलब है कि रेड्‌डी इस समय पूरे राज्य में प्रजा संकल्प पदयात्रा निकाल रहे हैं. इस यात्रा को 86 दिन हो चुके हैं. इस दौरान नेल्लोर जिले के उदयगिरि में उन्होंने केंद्र सरकार को अल्टीमेटम की घोषणा की. उन्होंने कहा, ‘विशेष दर्ज़ा आंध्र प्रदेश के लोगों का हक़ है. यह नए राज्य के लिए सांसें मिल जाने जैसा है.’

यहां याद दिलाते चलें कि टीडीपी ने भी केंद्र सरकार पर इसी तरह का दबाव बनाया हुआ है. बावज़ूद इसके कि उसके केंद्र में दो मंत्री हैं उसके सांसद लगातार संसद में अपनी मांगाें को लेकर कामकाज़ बाधित कर रहे हैं. टीडीपी के प्रमुख व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू तो यहां तक चुके हैं, ‘केंद्र का व्यवहार ऐसा है कि आंध्र प्रदेश के लोग यह सोचने लगें कि वे और उनका राज्य देश का हिस्सा ही नहीं है.’ टीडीपी सांसदों के इस्तीफ़े की तैयारी की भी ख़बरें हैं.

टीडीपी 2018-19 के बजट पेश किए जाने के बाद से केंद्र सरकार से नाराज़ है. पार्टी का आरोप है कि बजट में आंध्र प्रदेश की अनदेखी की गई है. उसने केंद्र के सामने 19 मांगें रखी हैं. इनमें प्रमुख हैं- राज्य को विशेष दर्ज़ा, विधानसभा की सीटें बढ़ाना, राजधानी अमरावती के निर्माण में आर्थिक मदद, पोलावरम बांध परियोजना में माली मदद व रेलवे का अलग ज़ोन बनाना. राज्य पुनर्गनठन से आंध्र को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई की भी मांग की है.