पंजाब के तकनीकी शिक्षा मंंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बीते दो दिन से आलोचनाओं में घिरे हुए हैं. इसकी वजह यह है कि लेक्चरर के एक पद पर पोस्टिंग का फैसला उन्होंने सिक्का उछालकर किया. जिसके बाद राज्य के विपक्षी दलों ने उन्हें पद से हटाए जाने की मांग शुरू कर दी.

यह मामला सोमवार का है. पंजाब लोक सेवा आयोग परीक्षा पास करने के बाद नियुक्त हुए 37 लेक्चरर्स को पोस्टिंग देने के लिए बुलाया गया था. वहां दो लेक्चरर्स ऐसे थे जो पटियाला स्थिति सरकारी पॉलीटेक्निक इंस्टीट्यूट में अपनी पोस्टिंग चाहते थे. दोनों आवेदकों की शैक्षणिक और अन्य योग्यताएं एक समान ही थीं. खबरों के मुताबिक पोस्टिंग किसे दी जाए, इस बारे में विचार किया जा रहा था. उसी दौरान चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि क्यों न पोस्टिंग का फैसला सिक्का उछालकर कर लिया जाए. वहां मौजूद सभी लोग इसके लिए सहमत भी हो गए. चन्नी से सिक्का उछाल दिया, लेकिन साथ ही यह घटना वहां मौजूद पत्रकारों ने कैमरों में भी रिकॉर्ड हो गई.

इस फैसले पर हालांकि चन्नी को कोई खेद नहीं है. उनका कहना है कि पोस्टिंग की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए उन्होंने ऐसा किया. इसे बेवजह मुद्दा बनाया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी गठबंधन की सरकार आवेदकों से पैसे लेकर उन्हें मनचाही पोस्टिंग देती थी. मैंने तो उस भ्रष्टाचार और मिली-भगत को तोड़ने का काम किया है.’

उधर भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि सिक्का उछालकर पोस्टिंग करने की घटना सरकार और संबंधित मंत्रालय के लिए शर्मिंदगी का विषय है. पार्टी के प्रदेश सचिव विनीत जोशी ने कहा, ‘इससे पहले कि चन्नी ऐसे कई और काम करें सरकार को उन्हें मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए.’ उधर, शिरोमणी अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा, ‘लगता है कांग्रेस सरकार के मंत्री अपने पद का मजा उठाते हुए सिर्फ वक्त बिताने पर ही ध्यान दे रहे हैं.’