सेना ने कहा है कि सैनिकों की शहादत को धर्म के साथ न जोड़ा जाय. उसकी यह टिप्पणी सुंजवान कैंप पर हुए आतंकी हमले के संदर्भ में आई है. मंगलवार को मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि सुंजवान हमले में सात लोगों की मौत हुई जिनमें से पांच कश्मीरी मुसलमान थे. उनका कहना था, ‘इसके बावजूद मुसलमानों की निष्ठा पर सवाल उठाया जाता है. जो लोग भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तानी बताते हैं उन्हें इस हमले से सबक लेना चाहिए. देश की रक्षा के लिए मुस्लिम लोग अपना बलिदान दे रहे हैं.’

उधर, इस पर उत्तरी कमान के मुखिया जनरल देवराज अन्बू ने कहा कि सैनिक का कोई धर्म नहीं होता. उनका कहना था, ‘जो लोग ऐसे बयान दे रहे हैं उन्हें सेना के कामकाज के तरीकों के बारे में कोई अंदाजा नहीं है.’ उन्होंने यह भी कहा कि आज दुश्मन हताश है. सीमा पर जब वह कुछ कर पाने में असफल रहता है तो कैंपों पर हमला करने जैसी हरकतों को अंजाम देता है.’