म्यांमार ने अपने यहां के दो विद्रोही गुटों के साथ संघर्ष विराम समझौता किया है. म्यांमार टाइम्स के अनुसार मंगलवार को राजधानी नैपीडॉ में न्यू मॉन स्टेट पार्टी और लाहू डेमोक्रेटिक यूनियन ने राष्ट्रीय संघर्ष विराम समझौते (एनसीए) पर हस्ताक्षर किए. इस मौके पर म्यांमार की नेता आंग सान सू की ने कहा कि यह समझौता (विद्रोही गुटों के साथ) राजनीतिक बातचीत के लिए शुरुआत है. अन्य विद्रोही गुटों से इस समझौते में शामिल होने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत विवादों को आमने-सामने बैठकर बातचीत से सुलझा लिया जाएगा. इससे पहले 2015 की शांति प्रक्रिया में आठ समूह शामिल हुए थे.

वहीं, न्यू मॉन स्टेट पार्टी के अध्यक्ष यू नैइंग हताव मॉन ने कहा कि यह समझौता समस्याओं को सुलझाने का रास्ता है. उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि राष्ट्रीय संघर्ष विराम समझौते पर हस्ताक्षर करना क्षेत्रीय विकास और संघवाद के लिए एक मजबूत कदम साबित होगा.’

इस मौके पर भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार राजिंदर सिंह मौजूद रहे. भारत के अलावा चीन, जापान, थाईलैंड, अमेरिका और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि इसके गवाह बने. इस बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘इस मौके पर हमारे प्रतिनिधि की मौजूदगी बताती है कि हम म्यांमार में शांति प्रक्रिया का लगातार समर्थन कर रहे हैं.’ उनके मुताबिक म्यांमार में शांति प्रक्रिया और राष्ट्रीय स्तर पर तालमेल की कोशिशें भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में शांति और संपन्नता लाने में मददगार साबित होंगीं.