गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने घरेलू पर्यटकों के खिलाफ बयान देने वाले शहरी और ग्रामीण नियोजन मंत्री विजय सरदेसाई का बचाव किया है. समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार बुधवार को उन्होंने कहा, ‘विजय सरदेसाई को सख्त शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था. मैंने उन्हें टोका है. लेकिन ऐसा नहीं है कि उनकी मंशा गलत थी. हालांकि, उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया.’ मनोहर पर्रिकर ने आगे कहा, ‘गोवा में सबका स्वागत है, बस एक शर्त है कि उन्हें न तो सड़कों पर पेशाब करना चाहिए और न ही कचरा फैलाना चाहिए.’ मनोहर पर्रिकर के मुताबिक बुनियादी सामाजिक शिष्टाचार स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों पर भी लागू होता है.

बीते हफ्ते गोवा के मंत्री विजय सरदेसाई ने घरेलू पर्यटकों को ‘धरती की गंदगी’ बताया था. उन्होंने गोवा के समुद्र तटों और शहरी इलाकों में गंदगी फैलाने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराते हुए यह भी कहा था कि उत्तर भारतीय गोवा में एक और हरियाणा बनाना चाहते हैं.

विजय सरदेसाई के बयान से घरेलू पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने इसे भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने (विजय सरदेसाई) ने मुझसे पूछा था कि क्या इससे (बयान से) पर्यटकों पर असर पड़ेगा. मैं नहीं समझता कि ऐसा होगा. मैं दुनिया के किसी भी कोने से आने वाले जिम्मेदार और अच्छे पर्यटकों को पसंद करूंगा.’