अमेरिका ने माना है कि चीन की सैन्य ताकत असाधारण तेजी से बढ़ रही है. वहां की सशस्त्र सेवा समिति को जानकारी देते हुए अमेरिकी नौसेना के एडमिरल हैरी हैरिस ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब वह हर मोर्चे पर अमेरिकी सेना की बराबरी कर रहा होगा. हैरी हैरिस ने कहा, ‘अपनी मिसाइलों को और उन्नत करने के साथ वह (चीन) पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के क्षेत्र में भी कदम रख चुका है. उसने देश से बाहर जिबूती में नौसेना का अड्डा भी बनाया है. इन सबको देखते हुए हमें भी अपनी सैन्य क्षमता बढ़ानी चाहिए. कहीं ऐसा न हो कि युद्ध क्षेत्र में चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी से मुकाबला करना हमारे लिए मुश्किल हो जाए.’

साथ ही साथ अमेरिका ने चीन के महत्वाकांक्षी वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) प्रोजेक्ट पर भी चिंता जताई है. उसने माना है कि चीन इस योजना को आर्थिक हित पूरा करने वाली बताता रहा है, लेकिन इसकी आड़ लेकर असल में वह अपने सामरिक हित साध रहा है. हालांकि भारत शुरुआत से ही ओबीओआर का विरोधी रहा है क्योंकि उसका एक हिस्सा पाक अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है. इसे भारत ने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है. यही वजह है कि विरोध स्वरूप बीते साल भारत ने बीजिंग में हुए ओबीओआर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया था.