नेपाल में प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के इस्तीफे के बाद सबसे बड़े दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) के अध्यक्ष खड़ग प्रसाद ओली अगले प्रधानमंत्री बन गए हैं. बुधवार को सीपीएन (यूएमएल) की स्थायी समिति की बैठक में केपी ओली के नाम पर सहमति बनी थी. केपी ओली को राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने पद की शपथ दिलाई.

केपी ओली नेपाल के 41वें प्रधानमंत्री हैं. हालांकि, इससे पहले वे अक्टूबर 2015 से अगस्त 2016 तक प्रधानमंत्री रह चुके हैं. वहीं, शेर बहादुर देउबा ने बीते साल पुष्प कमल दहल के इस्तीफे के बाद पद संभाला था. अपने कार्यकाल को सफल बताते हुए शेर बहादुर देउबा ने कहा, ‘संविधान को लागू कराने और त्रिस्तरीय चुनाव कराने का काम सफलता के सात पूरा हो गया है जो मेरी जिम्मेदारी थी. और अब हम एक नई संघीय सरकार बनाने के मौके पर आ गए हैं.’

नेपाल में दिसंबर 2017 में चुनाव हुए थे, जिसमें सीपीएन(यूएमएल) को सबसे ज्यादा 121 सीटें मिली थीं. लेकिन इस चुनाव में किसी भी एक दल को बहुमत नहीं मिल पाया था. हालांकि, सरकार बनाने के लिए सीपीएन (यूएमएल) ने सीपीएन माओवादी-सेंटर पार्टी के साथ गठबंधन किया है, जिसके 275 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा में 53 सदस्य हैं. इस समझौते के तहत सीपीएन (यूएमएल) के पास प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और प्रतिनिधि सभा के उपाध्यक्ष, जबकि सीपीएन-एमसी के पास उपराष्ट्रपति और प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष का पद रहेगा.