दास देव के बारे में कई जगह कहा जा रहा है कि यह शरतचंद्र चटर्जी की बेहद मशहूर रचना देवदास से प्रेरित है. फिल्म के निर्देशक सुधीर मिश्रा ने इस बात खारिज तो नहीं किया है, लेकिन इसके जवाब में ऐसी बात कही है जो इसमें दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ा सकती है. दास देव के ट्रेलर लॉन्च पर मिश्रा का बड़ी साफगोई से कहना था कि यह फिल्म शरदचंद्र की कहानी से प्रेरिेत तो है, लेकिन अगर लोगों को देवदास की वही कहानी देखनी है तो उन्हें यह फिल्म नहीं देखनी चाहिए. ट्रेलर लॉन्च से जुड़ी एक खास जानकारी यह भी है कि इस इवेंट में बॉलीवुड के 25 दिग्गज फिल्म निर्देशक पहुंचे थे. इनमें राहुल रवैल, विशाल भारद्वाज, केतन मेहता, सतीश कौशिक और इम्तियाज अली जैसे नाम शामिल हैं.

ट्रेलर की बात करें तो यह फिल्म पॉलिटिकल थ्रिलर की झलक दिखाती है जिसके तीन मुख्य किरदार देव, पारो और चांदनी हैं. इस बार ये किरदार उत्तर प्रदेश की पृष्ठभूमि में नजर आने वाले हैं. ट्रेलर फिल्म की कहानी का कोई सटीक ब्यौरा नहीं देता, लेकिन यह जरूर बताता है कि फिल्म इन किरदारों के बीच राजनीतिक खींचतान और प्यार-मोहब्बत के किस्से दिखाने वाली है. इसके अलावा ट्रेलर में शामिल संवाद जो बिना किसी अतिरिक्त कारीगरी के लिखे गए हैं, यह भरोसा दिलाते हैं कि इनमें पंच भले न हों लेकिन वजन जरूर होगा. इन झलकियों में ये संवाद कभी ध्यान खींचने वाले संगीत के साथ, तो कभी गोलियों और गालियों के साथ संगत करते सुनाई देते हैं, यह भी बेहतरीन सिनेमाई अनुभव मिलने की आपकी उम्मीद को बढ़ा देता है.

राहुल भट्ट के किरदार को देखकर लगता है जैसे राहुल गांधी और अखिलेश यादव का एक मिला-जुला ग्लैमरस संस्करण तैयार करने की कोशिश की गई है. वहीं उनके अभिनय की झलकियां आपसे कहती हैं कि वे दास के देव बनने का सफर दिखाते हुए आपको प्रभावित कर सकते हैं. यहां पारो और चांदनी के किरदार में रिचा चड्ढा और अदिति राव हैदरी दिखाई दे रही हैं. ट्रेलर में इन दोनों के अंदाज और संवाद देख-सुनकर लगता है कि महिला किरदारों को फिल्म में फेमिनिस्ट अप्रोच के साथ दिखाया जाने वाला है. कुल मिलाकर ट्रेलर देवदास का शुद्ध राजनीतिक वर्जन दिखाने का दावा बहुत मजबूती से करता दिखता है और कहता है कि 23 मार्च को आपको थोड़ी फुर्सत निकालनी चाहिए.

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