थोक मूल्य सूचकांक आधारित मंहगाई दर में लगातार दूसरे महीने गिरावट दर्ज की गई है. गुरुवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी में थोक महंगाई दर 2.84 फीसदी थी. थोक महंगाई दर में यह गिरावट खाद्य वस्तुओं और तेल कीमतों में कमी की वजह से आई है.

इससे पहले नवबंर 2017 में थोक महंगाई दर 3.93 फीसदी हो गई थी जो आठ महीने से सबसे ऊंचे स्तर था. हालांकि, दिसंबर में यह घटकर 3.58 फीसदी पर आ गई थी. आंकड़ों के अनुसार जनवरी में बीते साल की तुलना में खाद्य वस्तुओं की कीमत 1.65 फीसदी बढ़ी है, जबकि बीते साल दिसंबर में यह बढ़ोतरी 2.91 फीसदी थी. जनवरी में मोटे अनाज की कीमतों में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है. इसके अलावा सब्जियों की थोक कीमत में काफी नरमी आई है. जनवरी में सब्जियों की थोक महंगाई दर 40.77 फीसदी रही जो दिसंबर में 56.46 फीसदी थी.

थोक मूल्य सूचकांक आधारित मंहगाई दर से थोक बाजार में वस्तुओं की खरीद और बिक्री के बीच कीमतों में उतार-चढ़ाव की जानकारी मिलती है. यह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर से अलग होती है जो खुदरा बाजार में आए कीमतों में बदलाव की सूचना देता है. सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी में खुदरा महंगाई दर 5.07 फीसदी रही.