मलयाली अभिनेत्री प्रिया प्रकाश वारियर को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं. अभी भी बहुत बड़ी संख्या में लोग उनकी तारीफ़ करते हुए उनके वीडियो और तस्वीरें शेयर कर रहे हैं. दूसरी तरफ़ कई लोगों का कहना है कि लोगों और देश के मीडिया को और कोई मुद्दा दिखाई नहीं दे रहा. इन लोगों का कहना है कि प्रिया प्रकाश को राष्ट्रीय ख़बर बनाकर टेलीविजन मीडिया अहम मुद्दों की अनदेखी कर रहा है.

लोगों की इस राय को तब और बल मिल गया जब बुधवार को यह ख़बर सोशल मीडिया पर फैल गई कि मौलाना आतिफ़ क़ादरी ने प्रिया प्रकाश के ख़िलाफ़ फ़तवा जारी कर दिया है. न्यूज़ चैनल टाइम्स नाउ के नाम से मिलते-जुलते एक ट्विटर हैंडल ‘टाइम्स हाउ’ ने मौलाना क़ादरी के हवाले से लिखा, ‘प्रिया प्रकाश का वीडियो वायरल होने के बाद हम और हमारे मुस्लिम भाई जब भी नमाज़ के लिए अपनी आंखें बंद करते हैं तो हमें अल्लाह की जगह उनका (प्रिया प्रकाश) का चेहरा दिखाई देता है जिससे हमारी भावनाएं आहत हो रही हैं. इसलिए हम उनके ख़िलाफ़ फ़तवा जारी कर रहे हैं.’

मीडिया के एक हिस्से ने इस ख़बर को सच मान लिया. एक बड़े न्यूज़ चैनल ने इस पर बहस करने के लिए विशेष डिबेट भी कर डाली. मुख्य मीडिया की तरफ़ से मिली कवरेज के चलते बड़ी संख्या में लोगों ने इस ख़बर पर यक़ीन कर लिया और मौलाना आतिफ़ क़ादरी सोशल मीडिया के ‘योद्धाओं’ के निशाने पर आ गए. उन्हें तो नसीहतें और गालियां दी ही गईं, साथ ही इस्लाम और मुस्लिम समुदाय को भी घसीट लिया गया.

ट्विटर
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बाद में ऑल्टन्यूज़डॉटइन ने सबको सच बताया. पता चला कि मीडिया संस्थानों ने ‘टाइम्स हाउ’ को ठीक से नहीं पढ़ा, और न ही ट्वीट के ज़रिए किए गए व्यंग्य को समझने की ज़हमत उठाई.

दरअसल, ‘टाइम्स हाउ’ अलग-अलग मुद्दों की हास्यपूर्ण नक़ल व व्यंग्य करता है. मिसाल के लिए बुधवार को ही इस ट्विटर पेज पर राजनेता मणिशंकर अय्यर के उस बयान पर व्यंग्य किया गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान से भारत जितना ही प्यार करते हैं. ‘टाइम्स हाउ’ ने लिखा, ‘पाकिस्तान के लोग मुझे भारत के लोगों से ज़्यादा चाहते हैं इसलिए मेरा दिल भी पाकिस्तान को भारत से ज़्यादा चाहता है, और इसी वजह से मैं अपने दिल को चाहता हूं.’ अगर जल्दबाज़ी में ‘टाइम्स हाउ’ को टाइम्स नाउ समझकर इस ट्वीट को सच मान लिया जाए तो एक और ख़बर की पोल-पट्टी खोलनी पड़ेगी.

प्रिया प्रकाश के ख़िलाफ़ कोई फ़तवा जारी नहीं किया गया. एक शिकायत ज़रूर की गई है. हैदराबाद में मुस्लिम युवाओं के एक संगठन ने प्रिया प्रकाश और उनकी फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है. इन लोगों का कहना है कि फिल्म के गाने की वजह से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं. लेकिन फ़तवे वाली ख़बर झूठी है. यह मामला बताता है कि मीडिया (विशेष रूप से टीवी मीडिया) किसी चीज़ को राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बनाने से पहले तथ्यों की जांच करने के बुनियादी सिद्धांत को भूलता जा रहा है.