केंद्रीय वित्त और नौवहन राज्यमंत्री पी राधाकृष्णन का कहना है कि तमिलनाडु अब शांतिपूर्ण राज्य नहीं रहा. उनके मुताबिक, ‘तमिलनाडु चरमपंथियों का प्रशिक्षण केंद्र बन गया है. यहां नक्सल, माओ, ​तमिल चरमपंथी और इस्लामिक उग्रवादी साथ मिलकर प्रशासन के खिलाफ खड़े हैं.’ केंद्रीय मंत्री ने यह बात कोयंबटूर में कही. वे यहां 1998 के सिलसिलेवार बम धमाकों में मारे लोगों को श्रद्धांजलि देने आए थे.

राधाकृष्णन ने राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए यह भी कहा कि वह उन्हें बम धमाके में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने से रोकना चाहती थी. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक भाजपा सरकार यहां एक स्मृति स्तंभ बनवाना चाहती है, लेकिन तमिलनाडु की पलानिसामी सरकार इसके खिलाफ है.

14 फरवरी 1998 को कोयंबटूर में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की एक सभा होनी थी. पुलिस के मुताबिक अल उम्मा नाम के संगठन से जुड़े लोगों ने उन्हें निशाना बनाने के लिए सभास्थल पर बम फिट किया था, लेकिन आडवाणी को इस सभा के लिए देर हो गई. उस दिन यहां पर बम फटने के साथ ही एक के बाद एक शहर में 19 धमाके हुए थे, जिनमें करीब 60 लोग मारे गए थे.