उत्तर प्रदेश के रहने वाले संतलाल पाल के सिर का ट्यूमर इतना बड़ा था कि वह उनके सिर पर एक और सिर जैसा लगने लगा था. वे सालों से इससे परेशान थे. ट्यूमर का वजन करीब चार पाउंड (1.8 किलोग्राम) हो गया था. हालांकि अब उन्हें इससे छुटकारा मिल गया है. बीती 14 फरवरी को मुंबई के नायर अस्पताल के डॉक्टरों ने छह घंटे चले ऑपरेशन के बाद ट्यूमर हटा दिया.

वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक शायद यह दुनिया का सबसे बड़ा ब्रेन ट्यूमर था. नायर अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख त्रिमूर्ति नडकरनी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि संतलाल का ट्यूमर इतना बड़ा था कि वह देखने में सिर पर रखे एक और सिर जैसा लगता था. यह सालों से बढ़ रहा था. यह उनके सिर के पीछे से बढ़ना शुरू हुआ. बाद में इस पर बाल भी उग आए. संतलाल के भाई अखिलेश पाल ने बताया कि इलाज के दौरान भी उनका ट्यूमर बढ़ता जा रहा था. अखिलेश ने बताया कि संतलाल ट्यूमर के वजन से परेशान थे और उनको धुंधला दिखाई देने लगा था. संतलाल की पत्नी मंजू ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई डॉक्टरों को दिखाया था लेकिन इलाज नहीं हो पाया.

वहीं, मुंबई के डॉक्टरों ने बताया कि ट्यूमर का दस प्रतिशत हिस्सा संतलाल की खोपड़ी के अंदर था जिससे उनके दिमाग और आंखों पर असर पड़ रहा था. उन्होंने कहा कि अगर ऑपरेशन असफल रहता तो उन्हें तंत्रिका संबंधी नुकसान हो सकता था या लकवा मार सकता था. लेकिन ऑपरेशन सफल रहा. डॉक्टरों का कहना है कि ट्यूमर आंख की एक नस को दबा रहा था जिससे संतलाल की आंख की रोशनी कम हो गई थी. उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही वे पहले की तरह देखने लगेंगे.