सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान को फिर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है, ‘पाकिस्तान को बहुत जल्द ही सुंजवान आतंकी हमले की कीमत चुकानी होगी.’ यहीं याद दिला दें कि 10 फरवरी को जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के फ़िदायीन आतंकियों ने जम्मू शहर के सुंजवान इलाके में स्थित सैन्य शिविर पर हमला किया था. इस हमले में छह भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. एक आम नागरिक को भी जान से हाथ धोना पड़ा था.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक जनरल रावत ने कहा है, ‘पाकिस्तान को लगता है कि वह कोई युद्ध लड़ रहा है जिसका उसे फ़ायदा हो रहा है. लेकिन हमारे पास इसके कई विकल्प हैं. इनमें सर्जिकल स्ट्राइक्स भी शामिल है.’ हालांकि उन्होंने अन्य विकल्पों के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी. ग़ौरतलब है कि सुंजवान हमले के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी कह चुकी हैं कि पाकिस्तान को उसके दुस्साहस की कीमत चुकानी होगी.

जनरल रावत ने सीमा पर युद्ध विराम की स्थिति के बारे में भी बेबाक राय दी. उन्होंने कहा, ‘भारतीय सेना युद्ध विराम का सम्मान तभी करेगी जब पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (एलओसी) के इस पार आतंकी भेजना बंद कर देगा.’ बताते चलें कि एलओसी पर युद्ध विराम के उल्लंघन की घटनाएं पिछले साल से बढ़ी हैं. दोनों तरफ़ से 2017 में युद्ध विराम उल्लंघन की क़रीब 860 घटनाएं दर्ज़ की गई हैं. जबकि 2016 में सिर्फ़ 271 हुई थीं.

जनरल ने एक साक्षात्कार के दौरान मीडिया को भी मशविरा दिया. उन्होंने कहा, ‘मीडिया को शहीदों के शोक संतप्त परिजनों के दृश्य नहीं दिखाना चाहिए. उनके मुताबिक, ‘चूंकि मीडिया पाकिस्तान के साथ हुई कार्रवाई के दौरान शहीद हुए सैनिकों के बारे में बढ़-चढ़कर दिखाता है. इससे यह धारणा बनती कि पाकिस्तान हम पर करारा आघात करने में सफल रहा है. जबकि पूरा सच ऐसा नहीं होता है.’