गुजरात के मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने राज्य विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 100 से कम सीटें मिलने की दिलचस्प वजहें बताई हैं. उन्होंन कहा, ‘कसाइयों, शराब के अवैध कारोबारियों और तीन तलाक़ कानून का विरोध करने वालों ने भाजपा को वोट नहीं दिए. इसीलिए पार्टी की सीटें कम हुईं.’

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जडेजा ने राज्य विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा, ‘हमारी पार्टी को किन-किन लोगों ने वोट नहीं दिए वह मैं बताता हूं. इनमें एक तो बूचड़खाने चलाने वाले लोग थे. वे राज्य में गौवध पर रोक संबंधी कानून लागू किए जाने से नाराज़ थे. दूसरे शराब के अवैध कारोबारी थे. उनको राज्य में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध से परेशानी है. और तीसरे वे लोग थे जो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा तीन तलाक़ पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून पारित किए जाने से गुस्सा हैं.’

प्रदीप सिंह जडेजा ने कहा, ‘भाजपा ने राज्य के स्कूलों में मनमानी फीस पर भी रोक लगा दी है कि इससे कई स्कूलों के मालिक भी पार्टी से ख़फ़ा थे. लेकिन हमें (भाजपा को) अब भी ऐसे लोगों की परवाह नहीं है.’ दिसंबर में हुए राज्य विधानसभा के चुनाव में भाजपा को 99 सीटें ही मिल पाई थीं जबकि उसने 150 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था. दूसरी तरफ़ कांग्रेस ने पिछले चुनाव की तुलना में अपना प्रदर्शन सुधारते हुए 77 सीटें जीती थीं.

जडेजा ने इस पर भी चुटकी ली. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के शीर्ष नेता (राहुल गांधी) वैसे तो कभी मंदिरों में नहीं दिखते. मगर चुनाव से पहले वे मंदिर-मंदिर माथा टेकते दिखे. जातियों की गोलबंदी भी की. लेकिन यह क़वायद उनके (कांग्रेस के) काम न आई. पार्टी ने 125 सीटें जीतने का दावा किया था. लेकिन वह 77 ही जीत पाई.’ भाजपा ने गुजरात चुनाव में लगातार छठी बार बहुमत हासिल कर सरकार बनाई है.