दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के विधायकों को राहत नहीं मिल पाई है. शुक्रवार को तीस हजारी कोर्ट ने विधायक प्रकाश जरवाल और अमानतुल्लाह खान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया. गुरुवार को अदालत ने दोनों विधायकों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने 19 फरवरी की रात मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर बैठक में मारपीट होने का आरोप लगाया था. उन्होंने इन दोनों विधायकों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी.

इस बीच शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर की तलाशी ली है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास से 21 सीसीटीवी कैमरों की हार्ड ड्राइव जब्त की है. दिल्ली पुलिस ने बताया, ‘जिस कमरे में मारपीट की कथित घटना हुई थी, उसमें कोई कैमरा नहीं लगा था.’

उधर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर की तलाशी को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र पर तीखा हमला बोला है. आम आदमी पार्टी ने कहा, ‘पुलिस राज ने दिल्ली में लोकतंत्र की हत्या कर दी है...अगर वे एक निर्वाचित मुख्यमंत्री के साथ ऐसा कर सकते हैं तो गरीब के साथ क्या करते होंगे?’ पार्टी नेता आशुतोष ने कहा कि यह तलाशी दिल्ली के मुख्यमंत्री को अपमानित करने के लिए थी. वहीं, भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कहा कि आम आदमी पार्टी साजिश रचने में माहिर है, उसे पुलिस को अपना काम करने देना चाहिए.