पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 11,400 करोड़ रुपये की जालसाजी के आरोपितों की कंपनी में काम करने वालों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इसमें आरोपित गीताजंलि जेम्स के प्रमोटर मेहुल चोकसी ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि जांच एजेंसियों ने उनके बैंक खाते और अन्य संपत्तियों को सीज कर दिया है, इसलिए वे उनके वेतन और भत्तों का भुगतान नहीं कर पाएंगे. मेहुल चोकसी का यह ईमेल उनके वकील संजय एबॉट ने जारी किया है. उनके मुताबिक इसे भारत में गीतांजलि जेम्स के 3500 कर्मचारियों को भेजा गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक अपने कर्मचारियों को लिखे ईमेल में मेहुल चोकसी ने खुद को निर्दोष बताया है और जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा है कि जांच एजेंसियां मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाए उनसे जुड़े लोगों को परेशान कर रही हैं. मेहुल चोकसी ने यह भी कहा है कि जैसी पक्षपातपूर्ण जांच और राजनीतिक बयानबाजी सामने आ रही है, उससे उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता होने लगी है.

पीएनबी घोटाले के दूसरे आरोपित अरबपति ज्वैलर्स नीरव मोदी भी अपनी कंपनी के कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने में असमर्थता जता चुके हैं. इसके साथ पीएनबी को लिखे पत्र में उन्होंने यह भी कहा था कि बैंक ने अपनी जल्दबाजी से उनके ‘ब्रांड’ को नष्ट कर दिया है और ऐसा करके उसने अपने पैसे वापस पाने के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं. फिलहाल इस मामले के दोनों मुख्य आरोपित नीरव मोदी और मेहुल चोकसी देश से बाहर हैं.