सड़कों पर दोपहिया वाहनों से जुड़ी दुर्घटनाओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस शुक्रवार को एक अहम फैसला लिया है. इसमें अदालत ने सेंट्रल व्हीकल मोटर रूल-123 का सख्ती से पालन करने सहित नए दोपहिया वाहनों में पिछली सवारी के लिए सुरक्षा मानकों को अनिवार्य करने का आदेश दिया है. इन सुरक्षा मानकों में साड़ी गार्ड और हैंडग्रिप जैसे उपकरण शामिल हैं.

इससे पहले 2008 में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक आदेश जारी कर राज्य में उन दो-पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर प्रतिबंध लगाया था जिनमें पिछली सीट पर बैठे यात्री के लिए सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं थीं. लेकिन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सिआम) ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में यह तर्क देते हुए चुनौती दी थी कि पिछली सीट पर बैठा यात्री हर बार महिला नहीं होता. लेकिन उच्चतम न्यायलय ने सिआम की याचिका को खारिज़ करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के पक्ष में फैसला सुनाया है.

भारत में अभी जो मोटरसाइकलें बनाई जाती हैं उनमें से अधिकतर में साड़ी गार्ड तो रहता है लेकिन सीटों के बीच में कोई हैंड ग्रिप नहीं होता. वहीं देश में आयात की जा रही बाइकों में साड़ी गार्ड भी नदारद मिलता है. इसलिए इस फैसले के बाद बाहरी कंपनियों जैसे- डुकाटी, ट्रायंफ और हार्ले की मुश्किलें बढ़ने की संभावना ज्यादा जताई जा रही है. ऑटो सेक्टर से जुड़े लोगों के मुताबिक अदालत के इस निर्णय के बाद सभी बाइक निर्माता कंपनियों में हलचल का माहौल है क्योंकि इन सुरक्षा पैमानों पर खरा उतरने के लिए उन्हें अपनी बाइकों को दोबारा डिज़ाइन करना पड़ेगा. हालांकि अभी तक सिआम या किसी भी बाइक निर्माता ने इस फैसले को लेकर कोई टिप्पणी नहीं दी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस फैसले के खिलाफ फिर से अपील दायर की जा सकती है.

रोल्स रॉयस ने भारत में फैंटम-8 लॉन्च की

ब्रिटेन की लग्ज़री कार निर्माता कंपनी रोल्स रॉयस ने भारत में फैंटम-8 को लॉन्च कर दिया है. जैसा कि नाम से साफ है यह फैंटम की आठवीं जेनरेशन है. कंपनी ने भारत में इस कार को सबसे पहले चेन्नई में लॉन्च किया है और अब जल्द ही वह इसे मुंबई और दिल्ली में भी लॉन्च करने वाली है. कंपनी ने फैंटम-8 के स्टैंडर्ड व्हीलबेस एडिशन की कीमत 9.5 करोड़ (एक्स शोरूम) तय की है जो बढ़े हुए व्हीलबेस वाले मॉडल के लिए 11.35 करोड़ रुपए (एक्स शोरूम) तक जाती है.

फैंटम-8 को रोल्स रॉयस के ही नए एल्युमीनियम स्पेसफ्रेम प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है जिसे कंपनी ने आर्किटेक्चर ऑफ लग्ज़री नाम दिया है. कंपनी ने इस कार में बड़ी 24-स्लेट क्रोम ग्रिल और एलईडी डेटाइम रनिंग लाइट्स से घिरे हुए एलईडी प्रोजेक्टर हैडलैंप्स के साथ एलईडी टेललैंप्स लगाए हैं. कार में बीएमडब्ल्यू वाला डिजिटल इंस्ट्रुमेंट कंसोल लगाया गया है जो बड़े इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ आता है. इस कार के इंटीरियर को स्पेस (अंतरिक्ष) थीम पर तैयार किया गया है. साथ ही फेंटम-8 अपनी पुरानी जेनरेशन की ही तरह दुनिया की सबसे कम आवाज करने वाली कारों में शुमार है.

परफॉर्मेंस के लिहाज से देखें तो रोल्स रॉयस ने इस कार में 6.75 लीटर का ट्विन-टर्बोचार्ज्ड वी-12 इंजन लगाया है जो 1700 आरपीएम पर 563 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 900 एनएम का पीक टॉर्क जनरेट करने की क्षमता रखता है. कंपनी ने फैंटम-8 के इंजन को 8-स्पीड सेटेलाइट एडेड ट्रांसमिशन से लैस किया है. भारी-भरकम डीलडौल के बावजूद यह कार 5.4 सेकंड में ही 0-100 किलोमीटर/घंटा की रफ़्तार पकड़ लेती है.

महिंद्रा जल्द ही अपनी चार गाड़ियों का निर्माण बंद कर सकती है

एसयूवी कारों के क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा जल्द ही अपनी चार गाड़ियों- वेरिटो, वाइब, ज़ाइलो और नूवो स्पोर्ट्स का निर्माण रोक सकती है. जानकारों के मुताबिक इन गाड़ियों को बाजार से मिलने वाली प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं है जिसे देखते हुए कंपनी इनका उत्पादन बंद करने का मन बना चुकी है.

हालांकि बताया जा रहा है कि इन चार मॉडल्स को बंद करने के एवज में महिंद्रा कुछ नई एसयूवी बाजार में लाने की तैयारी कर रही है. इनमें- यू-321 एमपीवी, एस-201, केयूवी-100 इलेक्ट्रिक और रेक्सटॉन जी-4 एसयूवी शामिल हैं. माना जा रहा है कि कंपनी इन गाड़ियों को इस साल के आखिर या अगले साल की शुरुआत में लॉन्च कर सकती है.

वैसे इन फ्लॉप कारों को छोड़कर अगर महिंद्रा की कुल बिक्री की बात करें तो 2018 कंपनी के लिए अच्छी शुरुआत लेकर आया है. इस जनवरी महिंद्रा की पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 23,686 यूनिट रही है. वहीं कंपनी की गाड़ियों की कुल बिक्री में भी इस बार 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.