आॅस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित जिम्नास्टिक विश्वकप में भारत की अरुणा बुड्डा रेड्डी ने इतिहास रच दिया है. शनिवार को महिला वॉल्ट प्रतियोगिता में उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया. यह पहली बार है जब किसी भारतीय जिम्नास्ट को विश्व कप में व्यक्तिगत तौर पर पदक जीतने में कामयाबी मिली है. इस प्रतियोगिता में स्लोवाकिया की काइस्लेफ जासा जहां पहले पायदान पर रहीं वहीं आॅस्ट्रेलियाई जिम्नास्ट एमिली वाइटहेड ने रजत पदक जीता. प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली भारत की ही एक अन्य महिला जिम्नास्ट प्रणति नायक को इसमें छठवां स्थान मिला है.

अरुणा के बारे में एक खास बात यह भी है कि वे कराटे में ब्लैक बेल्ट हैं. पदक जीतने के बाद अरुणा रेड्डी ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, ‘मैंने उज्बेकिस्तान जाकर ट्रेनिंग हासिल की थी जिसका मुझे बेहद लाभ मिला. वहां से ट्रेनिंग दिलाने में भारतीय खेल प्राधिकरण की भी अहम भूमिका रही जिसके लिए मैं संस्थान की शुक्रगुजार हूं.’ इससे पहले अरुणा राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के जिम्नास्टिक मुकाबलों में हिस्सा ले चुकी हैं लेकिन तब उन्हें पदक जीतने में कामयाबी नहीं मिली थी.