भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को एक ‘आदर्श खिलाड़ी’ यूं ही नहीं माना जाता. वे अपने कार्य-व्यवहार से अक़्सर इस मान्यता को पुख़्ता करते हैं. मसलन- अभी ख़बर आई है कि राहुल द्रविड़ ने बीते दिनों इसलिए आधा पैसा लिया ताकि हाल में ही विश्व कप जीतने वाली अंडर-19 टीम के सपोर्ट स्टाफ को ज़्यादा भुगतान मिल सके.

सत्याग्रह की सहयोगी वेबसाइट स्क्रोल डॉट इन के मुताबिक क्रिकेट विश्व कप जीतने पर भारत की अंडर-19 टीम के लिए बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने इनामी राशि का ऐलान किया था. इसके अनुसार टीम के कोच राहुल द्रविड़ को 50 लाख रुपए दिए जाने थे. खिलाड़ियों को 30-30 और सपोर्ट स्टाफ़ को 20-20 लाख रुपए मिलने का बंदोबस्त किया गया था. लेकिन सूत्रों की मानें तो द्रविड़ इससे खुश नहीं थे.

बताया जाता है कि इमी महीने की 14 तारीख़ को बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राहुल जौहरी के साथ द्रविड़ की बैठक हुई थी. इसमें उन्होंने साफ़ कहा कि विश्व कप जीतने वाली टीम के हर सदस्य का योगदान बराबरी का है. इसलिए भुगतान भी सबको बराबर होना चाहिए. उन्होंने बतौर कोच ख़ुद को ज़्यादा पैसा दिए जाने पर ख़ास नाख़ुशी ज़ताई. इसके बाद द्रविड़ समेत सभी को 25-25 लाख रुपए देने का फ़ैसला हुआ.

यही नहीं द्रविड़ के आग्रह पर उनके सपोर्ट स्टाफ़ के सदस्य रहे राजेश सावंत के परिवार को भी 25 लाख रुपए दिए जाएंगे. राजेश का पिछले साल निधन हुआ था. अंडर-19 टीम के इंग्लैंड दौरे के वक़्त के कोच डब्ल्यूवी रमन, लॉजिस्टिक्स मैनेजर मनुज शर्मा, सुमिल मलहापुरकर और ट्रेनर अमोघ पंडित को भी इनामी राशि मिलेगी. हालांकि द्रविड़ अब भी इससे नाख़ुश हैं कि विश्व कप जीतने वाली टीम के बजाय उन्हें ज़्यादा तवज़्ज़ो मिल रही है.