भारतीय क्रिकेट टीम का दो महीने लंबा दक्षिण अफ्रीका दौरा खत्म हो चुका है. भारत की ओवरऑल परफॉर्मेंस के लिहाज से यह दौरा बीते 25 सालों में सबसे सफल माना जा रहा है. भारत ने इस दौरे की शुरुआत टेस्ट सीरीज से की थी जिसमें उसे 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन, इसके बाद हुई वनडे सीरीज में उसने जबर्दस्त वापसी की और छह मैचों की सीरीज में पांच मैच अपने नाम किए.

ऐसा ही कुछ तीन मैचों की टी20 सीरीज में भी देखने को मिला. बारिश से बाधित हुए एक मैच को छोड़कर टीम इंडिया ने बाकी सभी मैचों में अफ्रीका के छक्के छुड़ा दिए और 2-1 से सीरीज अपने नाम की. वनडे और टी20 श्रृंखलाओं में जीत के अलावा सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय टीम, उसके बल्लेबाजों और गेंदबाजों द्वारा व्यक्तिगत रूप से बनाए गए रिकॉर्ड्स की हो रही है. इन श्रृंखलाओं में जो रिकॉर्ड बने हैं, आइये उनके बारे में जानते हैं.

टेस्ट सीरीज के रिकॉर्ड

दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज के पहले दो मैच भारत हार गया था. इसके बाद उसने जोहान्सबर्ग में तीसरे टेस्ट मैच में जबर्दस्त वापसी की और आखिरी मैच जीत लिया. जोहान्सबर्ग का वांडरर्स स्टेडियम एक ऐसा मैदान है जहां भारतीय टीम कोई भी मैच नहीं हारी है. अब तक भारत ने अफ्रीका में केवल तीन टेस्ट मैच जीते हैं जिनमें से दो उसने इसी मैदान पर जीते.

भारतीय गेंदबाजों ने टेस्ट सीरीज के हर मैच की हर इनिंग में दक्षिण अफ्रीकी टीम को ऑलआउट किया है और यह भी इस टीम के खिलाफ एक रिकॉर्ड है. लेकिन, वांडरर्स के मामले में एक उपलब्धि यह भी है कि इस बार दक्षिण अफ्रीका के सभी 20 विकेट भारतीय तेज गेंदबाजों ने ही हासिल किए. भारतीय तेज गेंदबाजों ने इससे पहले दुनिया के किसी भी मैदान पर यह कारनामा नहीं किया था.

पिछले 25 सालों में दक्षिण अफ्रीका में भारत ने कोई भी टेस्ट और वनडे सीरीज नहीं जीती थी. टेस्ट में यह सिलसिला अभी भी जारी है. हालांकि, इस बार के दौरे पर विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम ने पहली बार वनडे सीरीज जीतने में कामयाबी पा ली. छह मैचों की एकदिवसीय सीरीज में भारत ने 5-1 से जीत दर्ज की.

विराट कोहली के रिकॉर्ड

व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स की बात करें तो इस मामले में सबसे ऊपर कप्तान विराट कोहली नजर आते हैं. टेस्ट हो या वनडे, कोहली ने हर जगह धमाल मचाया है. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में दोनों टीमों में से कोहली ही एक मात्र ऐसे बल्लेबाज थे जिन्होंने शतक लगाया था. इस शतक के साथ वे दुनिया के चौथे सबसे तेज 21 टेस्ट शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए. ऐसा उन्होंने 109 पारियों में किया है.

दक्षिण अफ्रीका में एक टेस्ट सीरीज में अब तक सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था. उन्होंने 1996-97 के अफ़्रीकी दौरे पर 241 रन बनाए थे. विराट ने इस टेस्ट सीरीज में 286 रन बनाकर सचिन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. इस टेस्ट सीरीज में कोहली ने एक कप्तान के तौर पर भी एक उपलब्धि हासिल की. उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी के द्वारा बतौर टेस्ट कप्तान बनाए गए 3,454 रन के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ा. कोहली ने भारतीय कप्तान रहते हुए टेस्ट में 3,456 रन बना लिए हैं.

इस बार दक्षिण अफ्रीका में सबसे ज्यादा उपलब्धियां भारतीय कप्तान विराट कोहली ने हासिल की हैं
इस बार दक्षिण अफ्रीका में सबसे ज्यादा उपलब्धियां भारतीय कप्तान विराट कोहली ने हासिल की हैं

विराट कोहली दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में भी सबसे सफल बल्लेबाज रहे. उन्होंने इस सीरीज में तीन शतकों की मदद से कुल 558 रन बनाए, जोकि किसी द्विपक्षीय सीरीज में किसी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा रन हैं. इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के ही रोहित शर्मा के नाम था जिन्होंने 2013-14 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में 491 रन बनाए थे.

कोहली किसी द्विपक्षीय वनडे सीरीज में तीन शतक जड़ने वाले भी भारत के इकलौते बल्लेबाज हैं. साथ ही इस बार अफ्रीका में उन्होंने एक फील्डर के तौर पर भी एक उपलब्धि हासिल की है. वे सबसे कम वनडे मैचों में 100 कैच पकड़ने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं.

टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों को मिलाकर भी विराट ने कुछ विशेष मील के पत्थर छुए हैं. अब तक उन्होंने इन दोनों प्रारूपों में कुल 56 शतक लगाए हैं. ऐसा करके वे सबसे ज्यादा शतक लगाने वालों की सूची में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं. अफ्रीका दौरे पर ही भारतीय कप्तान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम समय में 17,000 रन पूरे करने का कीर्तिमान भी स्थापित किया है.

कुलदीप और चहल की जोड़ी के रिकॉर्ड

दक्षिण अफ्रीका में पहली बार वनडे सीरीज जीतने में सबसे अहम भूमिका भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने निभाई है. सीरीज शुरू होने से पहले तक अफ्रीका की बाउंस और पेस को सपोर्ट करने वाली पिचों पर इनके कामयाब होने की उम्मीद न के बराबर ही मानी जा रही थी. लेकिन, इन दोनों ने जिस तरह की गेंदबाजी की उसने सभी को हैरान कर दिया. छह मैचों की सीरीज में कुलदीप ने 17 और चहल ने 16 विकेट हासिल किए. आंकड़ों को देखें तो बीते 25 सालों में अफ्रीका की धरती पर कोई भी स्पिन गेंदबाज इतना कामयाब नहीं हुआ है. इससे पहले तक यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के स्पिन गेंदबाज कीथ आर्थटन के नाम था जिन्होंने अफ्रीका में 1998-99 में सात मैचों की वनडे सीरीज में 12 विकेट लिए थे.

दक्षिण अफ्रीका में भारतीय स्पिन जोड़ी ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया है. कुलदीप और चहल ने मिलकर वनडे सीरीज में कुल 33 विकेट हासिल किए जो कि किसी वनडे सीरीज में भारतीय स्पिनरों द्वारा लिए गए सर्वाधिक विकेट हैं. इससे पहले 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ हुई घरेलू सीरीज में भारतीय स्पिनरों ने 27 विकेट हासिल किए थे. हालांकि, तब यह कारनामा भारत के चार स्पिनरों हरभजन सिंह, युवराज सिंह, रमेश पोवार और वीरेंद्र सहवाग ने मिलकर किया था.

भुवनेश्वर कुमार के रिकॉर्ड

भुवनेश्वर कुमार पिछले सालभर से एक अलग ही रंग में नजर आ रहे हैं. सीरीज दर सीरीज वे टीम के लिए महत्वपूर्ण बनते जा रहे हैं. गौर करने वाली बात यह है कि वे ऐसा क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में कर रहे हैं. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी, न केवल गेंद, बल्कि बल्ले से भी उनके द्वारा बनाए गए रन निर्णायक साबित हुए थे. इसके बाद टी20 सीरीज में उन्होंने अपनी गेंदबाजी से अफ्रीकी बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी.

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में भुवनेश्वर कुमार को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया
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अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के पहले टी20 मैच में स्विंग के इस बादशाह ने पांच विकेट लिए थे. ऐसा करते ही वे दुनिया के पहले ऐसे गेंदबाज बन गए जिसने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में पांच विकेट झटके हैं. उत्तर प्रदेश के मेरठ से आने वाले इस गेंदबाज ने अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में कुल सात विकेट लिए, जो कि किसी भारतीय तेज गेंदबाज द्वारा किसी द्विपक्षीय टी20 सीरीज में लिए गए सर्वाधिक विकेट भी हैं.