हज सब्सिडी खत्म करने के बाद हज यात्रा खर्चीली होने की चिंता के बीच मोदी सरकार ने हवाई किराए में भारी कटौती का ऐलान किया है. खबरों के मुताबिक मंगलवार को अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘हवाई किराए में यह कटौती हाजियों का राजनीतिक और आर्थिक शोषण खत्म कर देगी, जो कांग्रेसनीत यूपीए सरकार के समय हुआ.’ अपनी बात को मजबूती देने के लिए उन्होंने यूपीए सरकार के समय तय हवाई किराए की 2018 के नए किराए से तुलना की. केंद्रीय मंत्री का कहना था कि मोदी सरकार का यह फैसला ‘तुष्टीकरण के बगैर अल्पसंख्यकों का सशक्तिकरण’ करने की नीति के अनुरूप है.
हज यात्रा के हवाई किराए में यह कटौती एयर इंडिया, सऊदी एयरलाइंस और प्लाईनस विमानन कंपनियों की भारत के 21 हवाई अड्डों से जेद्दाह और मदीना के लिए उड़ानों पर लागू होगी. इसके तहत अहमदाबाद से जेद्दाह और मदीना का हवाई किराया 65,015 रुपये होगा, जो 2013-14 में 98,750 रुपये था. इसी तरह मुंबई से यह किराया 57,857 रुपये के आसपास रहेगा जो 2013-14 में 98,750 रुपये था.
मोदी सरकार ने बीते महीने हज सब्सिडी को खत्म कर दिया था. तब केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के 2012 के निर्देश के तहत यह कदम उठाया है. उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार हज सब्सिडी खत्म होने से बचने वाले पैसों को अल्पसंख्यक समुदायों की लड़कियों और महिलाओं की शिक्षा पर खर्च करेगी. यह सब्सिडी हाजियों को हवाई किराए में छूट के तौर पर दी जाती थी, जिस पर सालाना 650 करोड़ रुपये खर्च होते थे.
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