सीबीआई संशोधित टैक्स रिटर्न भरने में धोखाधड़ी के एक मामले की जांच कर रही है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस घोटाले में इंफोसिस के कई कर्मचारी, आयकर अधिकारी और बेंगुलरु का एक फर्जी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) शामिल हैं. मामला बीती जनवरी में सामने आया. एफआईआर के मुताबिक आयकर विभाग के अधिकारियों और इंफोसिस के कुछ कर्मचारियों ने फर्जी सीए नागेश शास्त्री की मदद से फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कई निजी कंपनियों के 250 करदाताओं के नाम पर संशोधित टैक्स रिटर्न भरे और अवैध रूप से रिफंड प्राप्त किए.

इंफोसिस ई-रिटर्न प्रक्रिया के लिए आयकर विभाग का वेंडर है. सीबीआई का कहना है कि फर्जी सीए नागेश शास्त्री ने रिटर्न फाइल किए और आयकर अधिकारियों और इंफोसिस के लोगों ने सिस्टम को धोखा देकर ऐसा होने दिया और संबंधित अवैध रिफंड की स्वीकृति प्राप्त की. इस तरह पांच करोड़ रुपये का रिफंड हासिल किया गया. एफआईआर के मुताबिक इस धोखाधड़ी के जरिए प्राप्त की गई रकम को नागेश शास्त्री, आयकर विभाग व इंफोसिस अधिकारियों और अन्य ने आपस में बांट लिया. उधर, इंफोसिस के प्रवक्ता ने कहा कि एफआईआर देखने से पहले वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते.