भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे को राज्य सभा में लाने की कोशिश कर रही है. बताया जाता है कि ख़ुद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें राज्य सभा सीट की पेशकश की है. इस बाबत एकाध हफ़्ते में राणे कोई फ़ैसला कर सकते हैं. हालांकि राणे को लेकर भाजपा की सहयोगी शिवसेना की चिंताओं के देखते यह पुख़्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता कि भाजपा राणे को राज्य सभा में लाने में सफ़ल हो ही जाएगी.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया को एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने बताया, ‘राणे से कहा गया है कि महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार में उन्हें बतौर मंत्री शामिल किया जाना अभी पक्का नहीं है. लिहाज़ा इस वक़्त वे राज्य सभा सीट का प्रस्ताव स्वीकार कर लें. मंत्री बनाने की उनकी मांग पर बाद में विचार कर लिया जाएगा.’ अख़बार से बातचीत में राणे ने ख़ुद इसकी पुष्टि की. उन्हाोंने कहा, ‘भाजपा ने राज्य सभा सीट का प्रस्ताव दिया है. लेकिन अभी मैंने इस पर कोई फ़ैसला नहीं किया है. इसके लिए मैंने एक सप्ताह का समय मांगा है.’

हालांकि द एशियन एज़ की ख़बर की मानें तो राज्य सभा के लिए राणे के उम्मीदवार बनने की सूरत में शिवसेना अपने हिस्से के अतिरिक्त वोट उन्हें नहीं देगी. ख़बर के मुताबिक 23 मार्च को होने वाले राज्य सभा चुनाव के दौरान भाजपा अगर अपने अधिकृत उम्मीदवारों के अलावा राणे को भी प्रत्याशी बनाती है तो उसे सात ग़ैर-भाजपाई सदस्यों के अतिरिक्त वोटों की ज़रूरत पड़ेगी. और शिवसेना के रुख़ को देखते हुए यह आसान नहीं लगता.

ग़ौरतलब है कि राणे पहले शिवसेना के ही नेता थे. शिवसेना ने ही उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनवाया जब वह भाजपा के साथ महाराष्ट्र की सरकार चला रही थी. लेकिन बाद में उद्धव ठाकरे से मतभेद के चलते राणे शिवसेना छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए. राज्य की कांग्रेस-एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस) के कार्यकाल में मंत्री रहे. और पिछले साल कांग्रेस छोड़कर महाराष्ट्र स्वाभिमान पक्ष के नाम से अपनी पार्टी बना ली. उनकी पार्टी इस वक़्त भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) का हिस्सा है.